मधुबनी.
आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय- 2 के तहत नगर निगम के पुराने भवन में नवनिर्मित मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल का शुभारंभ का इंतजार है. बता दें कि इसका शुभारंभ सितंबर में प्रस्तावित था. शुभारंभ को लेकर आश्रय स्थल का निर्माण कर इसे सुसज्जित कार्य तेजी से निपटाया गया था. आश्रय स्थल पर शहरी क्षेत्र के निराश्रित, उपेक्षित, बेसहारा वृद्धजन को ठहरने, भोजन, चिकित्सा, मनोरंजन, योग जैसी सुविधा उपलब्ध रहेगा. बताते चलें कि जरूरतमंद लोगों को बीच काफी निराशा है. कई लोग ऐसे हैं जिनके यहां रहने को घर नहीं तथा खाना तथा चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है. ऐसे में इन सारी व्यवस्थाओं को देखते हुए लोग टकटकी लगाए हुए हैं. जानकारी के अनुसार कैंटीन संचालक को लेकर जीविका दीदी को काम करना है. लेकिन रेट फाइनल नहीं होने के कारण वृद्ध जन आश्रय स्थल का संचालन नहीं हो रहा है.निराश्रितों के लिए साबित होगा वरदान
शहरी क्षेत्र के निराश्रित, उपेक्षित, बेसहारा वृद्धजन के लिए वरदान साबित होगा. इसका संचालन नगर निगम के देखरेख में चयनित आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा किया जाना है. वृद्धजन को गरिमापूर्ण जीवन-यापन में सहायता प्रदान, आजीविका के लिए क्षमता वर्धन व अन्य क्रियाकलाप में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वृद्धजन आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया. यहां उनकी देखभाल के लिए चिकित्सा सुविधा भी बहाल किया जाना है.डीएम कार्यालय में करना होगा आवेदनजानकारी के अनुसार नगर निगम की देख – रेख में संचालित होने वाले में ठहरने के लिए जरूरतमंद आवेदक को डीएम के पास अपना आवेदन करना होगा. शहर सहित पूरे जिले में वृद्धाश्रम संचालन शीघ्र होने की सूचना पर लोगों में आवेदन को लेकर जिज्ञासा बना हुआ है. लेकिन इसमें कौन ठहरने के पात्र होंगे, इसको लेकर संशय की स्थिति लोगों में बनी हुई है. इसको लेकर नगर आयुक्त अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित है. डीएम के पास ही इसके लिए जरूरतमंद अपना आवेदन करेंगे और गठित कमेटी इसकी स्क्रीनिंग करेगा. इस कमेटी में सामाजिक सुरक्षा, सिविल सर्जन, श्रम विभाग, कल्याण विभाग और अन्य विभाग जुड़ा हुआ है.
पात्रता के लिए गाइडलाइन होगी जारीयहां पर रहने वाले वृद्धजनों को सरकार की ओरसे नि:शुल्क सुविधाएं जैसे कानूनी सहायता, आवासीय सुविधा, भोजन एवं वस्त्र, चिकित्सा सुविधा, वृद्धावस्था पेंशन, आयुष्मान कार्ड आदि प्रदान किया जाता है. जानकारी के अनुसार वृद्ध आश्रम में प्रवेश के पात्रता की शर्तें हैं इच्छुक व्यक्ति की उम्र 60 वर्ष या अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक के पास स्वयं के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है, निर्धन हैं, पुरुष महिला इसके पात्र होंगे.क्या कहते हैं अधिकारीनगर आयुक्त अनिल चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल के विभिन्न कमरों में बेड, किचन, बाथरुम, पंखा, शौचालय, पेयजल सहित अन्य सुविधा उपलब्ध रहेगी. कैंटीन का संचालन जीविका द्वारा किया जाना है. जीविका द्वारा अब तक कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है. सरकार से किसी तरह का निर्देश प्राप्त आने पर संचालन शुरु किया जाएगा.
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