होली पर कोसी और मिथिला को मिली स्पेशल ट्रेनों की सौगात, झंझारपुर-डिब्रूगढ़ ट्रेन का शेड्यूल जारी

Holi Special Trains: होली के मौके पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने झंझारपुर से डिब्रूगढ़ और कटिहार से अमृतसर के बीच होली स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है. यह ट्रेनें फारबिसगंज, सरायगढ़ और निर्मली जैसे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी. इससे सीमांचल और कोसी क्षेत्र को पहली बार असम से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी.

Holi Special Trains: होली का त्योहार नजदीक आते ही ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगती है. ऐसे में रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है. इस बार कोसी, सीमांचल और मिथिला इलाके के लोगों के लिए दो खास होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी. इससे त्योहार पर घर आने-जाने वालों को काफी सुविधा मिलेगी.

डिब्रूगढ़ से झंझारपुर के बीच चलने वाली ट्रेन के बारे में जानिए

पहली ट्रेन डिब्रूगढ़ से झंझारपुर के बीच चलेगी. यह ट्रेन कुल सात चक्कर लगाएगी. ट्रेन संख्या 05974 हर मंगलवार 17 फरवरी से 31 मार्च के बीच सुबह 5:20 बजे डिब्रूगढ़ से चलेगी और गुवाहाटी, सिलीगुड़ी, फारबिसगंज, ललितग्राम, राघोपुर, सरायगढ़ और निर्मली होते हुए अगले दिन सुबह 11:30 बजे झंझारपुर पहुंचेगी.

वापसी में 05973 नंबर की ट्रेन हर बुधवार 18 फरवरी से 1 अप्रैल तक दोपहर 1:00 बजे झंझारपुर से रवाना होकर अगले दिन रात 8:20 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचेगी. इस सेवा से पहली बार कोसी इलाके को असम से सीधी ट्रेन सुविधा मिलेगी.

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कटिहार से अमृतसर के बीच चलने वाली ट्रेन के बारे में जानिए

दूसरी ट्रेन कटिहार से अमृतसर के बीच चलाई जाएगी. यह ट्रेन कुल छह फेरे लगाएगी. 05736 नंबर की ट्रेन हर बुधवार 18 फरवरी से 25 मार्च तक रात 9:00 बजे कटिहार से खुलेगी और शुक्रवार सुबह 9:45 बजे अमृतसर पहुंचेगी.

वापसी में 05735 नंबर की ट्रेन हर शुक्रवार 20 फरवरी से 27 मार्च तक अमृतसर से दोपहर 1:25 बजे चलेगी और शनिवार रात 11:45 बजे कटिहार पहुंचेगी.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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