मधुबनी: मिथिला सेवा समिति, मधुबनी के तत्वावधान में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के प्रायोजन से समस्तीपुर कॉलेज में साइबर फ्रॉड, टेलीकॉम एवं ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में टैरिफ और बिलिंग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें उपभोक्ताओं को दूरसंचार और टीवी प्रसारण सेवाओं से जुड़े अधिकार, नियम और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गयी.
TV चैनल चुनकर नियंत्रित कर सकते हैं बिल
ट्राई के क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता के एडवाइजर विश्वजीत चौधरी ने ट्राई के कार्यों की जानकारी दी. सीएजी सदस्य सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि प्रसारण क्षेत्र में पारदर्शिता, उचित व्यवहार, उपभोक्ता की पसंद और उचित कीमत सुनिश्चित करना ट्राई के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है.
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार टीवी चैनल चुनकर बिल को नियंत्रित कर सकते हैं. टीवी बिल में एनसीएफ, चैनल शुल्क, सेट-टॉप बॉक्स का किराया और टैक्स शामिल हो सकते हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि यदि सेवा 72 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहती है, तो नियमानुसार उपभोक्ता को अनुपातिक छूट मिल सकती है.
टैरिफ, बिलिंग और इंटरनेट सेवाओं की दी जानकारी
एयरटेल के जिला समन्वयक सुभाष चौरसिया, जियो के प्रतिनिधि तथा बीएसएनएल समस्तीपुर के एम. पासवान ने टैरिफ, बिलिंग, नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं से संबंधित जानकारी दी. कार्यक्रम में उपभोक्ताओं को सेवाओं के इस्तेमाल के दौरान जरूरी सावधानियों के बारे में भी बताया गया.
साइबर फ्रॉड के बाद फ्रीज खाते को अनफ्रीज कराने का तरीका समझाया
सीएजी सदस्य आदित्य चौधरी ने साइबर फ्रॉड के बाद फ्रीज किये गये बैंक खाते को जीआरएम पोर्टल के माध्यम से अनफ्रीज कराने की तकनीकी प्रक्रिया समझायी. उन्होंने संबंधित प्रक्रिया और आवश्यक कदमों की जानकारी दी.
कार्यक्रम को समस्तीपुर कॉलेज के प्राचार्य शशि भूषण कुमार शशि, कैप्टन डॉ राहुल मनहर और गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज की अतिथि प्राचार्य स्मृति शिखा ने भी संबोधित किया.
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