Madhubani News : आज खुलेगा मां दुर्गा का पट, पारंपरिक तरीके से पूरी की गयी बेलन्योति

चैती नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बेलन्योति हुई.

मधुबनी.

चैती नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बेलन्योति हुई. मंदिर व पूजा पंडालों से गाजे-बाजे के साथ डोली लेकर सैकड़ों की संख्या में जुलूस की शक्ल में श्रद्धालु निकट के बेल के वृक्ष के पास पहुंचे, फिर पंडितों ने वैदिक मंत्रों का उच्चरण कर बेलन्योति की रस्म पूरी करायी. इसी निमंत्रित बेल के लस्से से 4 अप्रैल को देवी दुर्गा की प्रतिमाओं की आंखों में ज्योति प्रदान कर प्राण-प्रतिष्ठा अर्पित की जाएगी. देवी दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा अर्पित करने के बाद आमलोगों के लिए मां का पट खोल दिया जाएगा. ताकि लोग मां दुर्गा का दर्शन व पूजा-अर्चना कर सके.

देवी स्कंदमाता व मां कात्यायनी की हुई आराधना

चैती नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को पंचमी व षष्ठी तिथि होने के कारण जिला मुख्यालय सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्र के देवी मंदिरों व पूजा पंडालों में देवी दुर्गा के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता एवं छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की गयी. धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि देवी स्कंदमाता व मां कात्यायनी की आराधना करने से भक्तों की सभी मनाकामनाएं अपने-आप पूरी हो जाती है. वहीं, साधकों को सिद्धियों की प्राप्ति होती है. शहर के कालीमंदिर परिसर स्थित पूजा पंडाल, सूड़ी हाई स्कूल परिसर, जगतपुर चैती दुर्गा मंदिर, रहिका दुर्गापुर स्थित मंदिर से निकल रहे वैदिक मंत्रोच्चार व देवी दुर्गा की जयकारे से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक रस से सराबोर हो रहा है. हर देवी भक्तों के सिर पर मां देवी दुर्गा की भक्ति का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है.

पूरी हुई बेलन्योति की रस्म

फुलपरास.

थाना चौक स्थित सार्वजनिक चैती दुर्गा मंदिर में वासंती नवरात्र में भगवती की आराधना में जुटे श्रद्धालुओं की आस्था दिख रही है. शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा के दर्शन को लेकर पूजा पंडाल में भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है. नवरात्र पूजा के षष्ठी तिथि पर गुरुवार को बेलन्योति की रस्म पूरी की गयी. मंदिर परिसर से ब्रह्मानंद व पंडित भगवान जी झा के नेतृत्व में गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से माता की डोली लेकर निर्धारित बेल वृक्ष के पास पहुंचे. जहां विधिवत पूजा-अर्चना कर बेल को न्योता दिया. इस क्रम में बेल के चिह्नित फल में पीला कपड़ा लपेटा गया. इसके बाद सभी भक्त माता भगवती की जयकार लगाते हुए वापस लौटकर मंदिर परिसर पहुंचे. पूजा समिति के अध्यक्ष बद्री नारायण साह, सचिव घुरण विश्वास, कृष्ण कुमार सिंह यादव, मिठू कामत, विंदेश्वर यादव, बजरंगी कामत, सुदम्बर कामत, सकल पासवान, ओमप्रकाश साह, लालबहादुर ठाकुर, रामचंद्र यादव, विरेंद्र यादव, श्याम सुंदर कुमार, भोला ठाकुर आदि शामिल थे.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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