झंझारपुर. स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम झंझारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची. जांच टीम में एसीएमओ एसएन झा, जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. दयाशंकर सिंह एवं पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुकेश कुमार शामिल थे. टीम में शामिल सदस्य अस्पताल के वेतन संबंधी भुगतान की सभी संचिकाओं को बारी-बारी से खंगाला. पाया गया कि रिटायर्ड होने से पहले अचानक गायब हो गए पीएचसी के लिपिक कयूम अंसारी को अनुपस्थित समय का एवं रिटायर्ड होने के बाद का कोई भी लाभ नहीं दिया गया है. सिविल सर्जन अपने पत्र में लिखा था कि भोजपुर जिला के लचारी गांव निवासी देव शंकर आर्य ने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को एक वाद दायर किया था. जिसमें बताया था कि झंझारपुर में काम करने वाले लिपिक कयूम अंसारी 2022 से ही गायब हो गए और 2023 में वे अवकाश ग्रहण किया. इस अवधि का उन्हें गलत तरीके से भुगतान किया गया है. सिविल सर्जन को दिए गए जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि वह जनवरी 2022 से ही अपने कार्य पर काफी अनुपस्थित रहने लगे थे. इस अवधि में उनका कोई भी भुगतान नहीं किया गया. अवकाश ग्रहण करने के बाद उनके घर पर भी पत्राचार किया गया. किसी प्रकार की जवाब नहीं आने के बाद कोई भी लाभ उन्हें अब तक नहीं दिया गया है. जांच टीम ने अपना प्रतिवेदन सिविल सर्जन को भेजा है.
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