Madhubani News: बेनीपट्टी प्रखंड के अरेर दक्षिणी पंचायत के सिनुआरा गांव में झोपड़ीनुमा भवन में संचालित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है. गुरुवार को डीएम आनंद शर्मा ने एनपीएस सिनुआरा पहुंचकर विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों, अभिभावकों व शिक्षकों से बातचीत की. बच्चों की सुरक्षा और बेहतर पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए तय किया गया कि नया विद्यालय भवन बनने तक एनपीएस के बच्चों की पढ़ाई निकट स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिनुआरा में करायी जायेगी. भवन निर्माण पूरा होने के बाद बच्चों को फिर से नए विद्यालय भवन में शिफ्ट किया जायेगा.
Benipatti News: झोपड़ी में स्कूल चलने की तस्वीर हुई थी वायरल
हाल में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय सिनुआरा के झोपड़ीनुमा भवन में संचालित होने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं. इसके बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल को देखते हुए विद्यालय को तत्काल उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिनुआरा में शिफ्ट करने का आदेश दिया था.
हालांकि, बच्चों के अभिभावकों ने इस फैसले पर आपत्ति जतायी थी. इसके बाद बीईओ मधुकर कुमार ने अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और विभाग को इसकी जानकारी दी.
डीएम ने मौके पर पहुंचकर निकाला समाधान
विवाद की स्थिति को देखते हुए डीएम आनंद शर्मा गुरुवार को सिनुआरा पहुंचे. उन्होंने नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ ग्रामीणों और अभिभावकों से बातचीत की.
डीएम ने बताया कि पंचायत समिति अपने निधि से नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के लिए नये भवन का निर्माण कराने की पहल कर रही है. उन्होंने इसे अच्छी पहल बताते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को भी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में आगे आना चाहिए.
नया भवन बनने तक दूसरे स्कूल में पढ़ेंगे बच्चे
डीएम ने स्पष्ट किया कि जब तक नये विद्यालय भवन का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक एनपीएस के बच्चों की पढ़ाई उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिनुआरा में करायी जायेगी.
उन्होंने कहा कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बच्चों के लिए पर्याप्त जगह और बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध है. नये भवन का निर्माण पूरा होने के बाद बच्चों को वापस वहां शिफ्ट कर दिया जायेगा, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी तरह का अवरोध नहीं आये.
उत्क्रमित मध्य विद्यालय की कमियां भी देखीं
डीएम ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिनुआरा पहुंचकर वहां मौजूद छोटी-छोटी कमियों का भी जायजा लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कमियों को जल्द दूर करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और प्रधानाध्यापक ने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भरोसा दिया है.
आठवीं के छात्र करेंगे नए बच्चों की मदद
बच्चों के बीच बेहतर माहौल बनाने के लिए विद्यालय की आठवीं कक्षा के छात्रों को भी जिम्मेदारी दी गयी है. उन्हें निर्देश दिया गया कि वे नये आने वाले बच्चों को परिवार के सदस्य की तरह अपनाएं और उन्हें पढ़ाई के माहौल में सहज होने में सहयोग करें.
इस पहल का उद्देश्य छोटे बच्चों के बीच किसी तरह की झिझक या असहजता को दूर करना और विद्यालय में सकारात्मक माहौल बनाना है.
भवन विहीन 63 स्कूलों की सूची भेजी गयी
डीएम ने जिले के अन्य प्रखंडों में भवन विहीन अथवा आधारभूत संरचना की समस्या से जूझ रहे नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति की भी जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि ऐसे 63 विद्यालयों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी गयी है. इन विद्यालयों में यूनिट प्राइसिंग के आधार पर निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित है. शिक्षा विभाग से राशि की स्वीकृति मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू होने की उम्मीद है.
