Madhubani : निर्माण श्रमिकों को साइकिल खरीद के लिए 3500 रुपये मिलेगी सहायता राशि

महंगाई और घरेलू बोझ से दबे निर्माण श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार तमाम तरह की कदम उठा रही है.

श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार चला रही कई कल्याणकारी योजनाएं योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिकों के पास लेबर कार्ड होना है जरूरी मधुबनी . महंगाई और घरेलू बोझ से दबे निर्माण श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार तमाम तरह की कदम उठा रही है. कारण निर्माण श्रमिक कई तरह की समस्याओं से जूझते रहते हैं. ऐसे में सरकार एक स्कीम चला रही है. सरकार निबंधित पात्र निर्माण श्रमिकों को 3500 रुपये साइकिल खरीद को देती है. इस राशि से कामगार साइकिल खरीद कर कार्य स्थल तक जा सकेंगे. कारण श्रमिकों की आय कम होने के कारण कार्य स्थल पर पैदल आना जाना पड़ता था. क्या है योजना का उद्देश्य इस योजना का लाभ सिर्फ पंजीकृत श्रमिक ही ले सकते हैं. जो ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करते हैं. जिनकी वार्षिक आय बहुत कम है. उन्हें कार्य स्थल तक जाने एवं परिवार के भरण पोषण में परेशानी होती थी. इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रख कर सरकार ने साइकिल खरीद योजना की शुरुआत की है. ये होंगे पात्र लाभुक को जिले का निवासी होना चाहिए. मजदूर वर्ग के लोगों को ही योजना का लाभ मिलेगा. लाभुक के पास लेबर कार्ड होना जरूरी है. श्रमिक कल्याण बोर्ड में एक साल का निबंधित होना भी जरूरी है. लाभुक का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए. जमा करना होगा ये कागजात आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, बैंक पासबुक, फोटो, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर आवेदन के साथ जमा करना होगा. क्या कहते हैं अधिकारी श्रम अधीक्षक दिनेश कुमार ने कहा कि निर्माण श्रमिकों को साइकिल खरीद के लिए सरकार पैतीस सौ रूपये सहायता राशि देती है. योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिकों के पास लेबर कार्ड होना जरूरी है. श्रमिकों के लिए विभाग की ओर से सोलह तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >