Madhubani News : प्रथम नेत्रदानी भगवती देवी दास के परिजनों को किया सम्मानित
नेत्र बैंक की टीम ने डीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड पहुंचकर दिवंगत भगवती दास की दोनों आंखों की कार्निया का दान लिया.
मधुबनी.
हरिपुर, डीह टोल, निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षिका भगवती कुमारी दास (73 वर्ष) की मृत्यु के बाद डीएमसीएच दरभंगा में नेत्र बैंक की टीम ने डीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड पहुंचकर दिवंगत भगवती दास की दोनों आंखों की कार्निया का दान लिया. स्व. भगवती के परिजनों ने उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए दधीचि देहदान समिति के क्षेत्रीय मंत्री मनमोहन सरावगी से संपर्क कर उनकी आंखों के दान की प्रक्रिया पूर्ण करने का अनुरोध किया था. इस प्रक्रिया के बाद दधीचि देहदान समिति की ओर से स्व. भगवती देवी दास के अंतिम कर्म पर गुरुवार को उनके आवास हरिपुर डीह टोल, मधुबनी पहुंचकर उनके परिजनों को सम्मानित किया. 9 मार्च को भगवती कुमारी दास का निधन दरभंगा में इलाज के दौरान हो गया था.दधीचि देहदान समिति की ओर से संयोजक कृष्णा महासेठ, झंझारपुर के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सचिव अमित राउत, मधुबनी के सचिव डा.विजय रमन, डा. अशोक झा एवं सभी सदस्य दरभंगा से गए रक्तबीर उमेश प्रसाद ने नेत्रदानी स्व. भगवती देवी दास के देवर ललित कर्ण, भाई सुभाष कुमार दास एवं परिवार के अन्य सदस्यों को शॉल, दुपट्टा एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया. क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनमोहन सरावगी ने दधीचि देहदान समिति, बिहार के अध्यक्ष सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, उपाध्यक्ष डा. सुभाष एवं सचिव पद्मश्री विमल जैन के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रेषित धन्यवाद पत्र सौंपा. कृष्ण महासेठ ने बताया कि स्व भगवती देवी दास जी मधुबनी जिले की प्रथम नेत्र दानी हैं एवं उनके द्वारा आज जो नेत्रदान के क्षेत्र में यह शुरुआत की गयी .है अब मधुबनी जिले के लोग भी मानव सेवा में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
