Madhubani News: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच मधुबनी पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उससे बचाव के प्रति जागरूक करने की पहल तेज कर दी है. इसी कड़ी में आरके कॉलेज में साइबर जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) अंकुर कुमार ने किया. साइबर थाना की टीम ने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को एपीके लिंक, रिमोट एक्सेस, फर्जी KYC, कूरियर और नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने की जानकारी दी.
एक क्लिक से पहले करें लिंक की जांच
डीएसपी अंकुर कुमार ने बताया कि साइबर ठग लोगों को फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं. एपीके लिंक भेजकर संदिग्ध एप डाउनलोड करवाना और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर फर्जी लिंक भेजना आम तरीका बन गया है.
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गये लिंक पर जल्दबाजी में क्लिक न करें. संदिग्ध एप डाउनलोड करने से भी बचें.
रिमोट एक्सेस देकर न फंसें ठगों के जाल में
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी एनीडेस्क, टीमव्यूअर और अल्ट्राव्यूअर जैसे रिमोट एक्सेस एप के माध्यम से मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करते हैं.
पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी अनजान व्यक्ति को अपने डिवाइस का रिमोट एक्सेस नहीं देना चाहिए. ऐसा करने पर निजी और बैंकिंग जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है.
कूरियर और नौकरी के नाम पर भी हो रही ठगी
जागरूकता संवाद के दौरान पुलिस ने कूरियर और पार्सल के नाम पर होने वाली ठगी से भी लोगों को सावधान किया. इसके अलावा टेलीग्राम पर वर्क फ्रॉम होम या नौकरी का झांसा देकर भी साइबर ठग लोगों से पैसे और गोपनीय जानकारी हासिल कर सकते हैं.
आधार लिंक, बैंक KYC अपडेट और व्हाट्सएप लिंक के नाम पर आने वाले संदिग्ध मैसेज पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी गयी.
OTP, PIN और CVV कभी न करें साझा
पुलिस पदाधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों को बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा. किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए.
ATM कार्ड का PIN, CVV, OTP और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की गयी.
बिजली बिल और जमीन सर्वे के नाम पर भी ठगी
साइबर थाना की टीम ने बताया कि बिजली बिल जमा करने, कनेक्शन काटने, मीटर लगाने या मुफ्त बिजली रिचार्ज के नाम पर भी फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं.
इसी तरह जमीन सर्वे, कोचिंग सेंटर और अन्य सेवाओं के नाम पर फर्जी कॉल और लिंक के जरिये लोगों को निशाना बनाया जा सकता है. ऐसे किसी भी संदेश या लिंक की सत्यता जांचने के बाद ही कोई कार्रवाई करने की सलाह दी गयी.
ठगी होते ही तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल शिकायत करनी चाहिए. समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को रोकने या वापस कराने की संभावना बढ़ सकती है.
पुलिस ने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से खुद सतर्क रहने के साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने की अपील की. अधिकारियों ने कहा कि साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता, सावधानी और ऑनलाइन गतिविधियों में जल्दबाजी से बचना है.
यह भी पढ़ें: नेपाल में मची तबाही का असर यहां तक पहुंचा, गंडक में बहकर आए शव और घरों का सामान
