जिले में एक साल में टीबी मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 7 हजार 456

बैठक में टीबी उन्मूलन की दिशा में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई और फिल्ड स्तर पर अधिक सक्रियता बरतने का निर्देश दिया गया.

By RANJEET THAKUR | January 7, 2026 9:49 PM

मधुबनी. राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक बुधवार को जिला टीबी कार्यालय में संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जीएम. ठाकुर की अध्यक्षता में हुई. बैठक में टीबी उन्मूलन की दिशा में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई और फिल्ड स्तर पर अधिक सक्रियता बरतने का निर्देश दिया गया. बैठक में बताया गया कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक 7 हजार 456 टीबी के मरीज चिन्हित किये गये हैं. जिसमें से 4 हजार 52 मरीज सरकारी संस्थानों से और 3 हजार 336 मरीज निजी संस्थानों से चिन्हित किया गया है. दिसंबर माह में 580 मरीज चिन्हित किया गया. इसमें 292 निजी संस्थान और 280 सरकारी संस्थान के शामिल हैं. इसमें 8 एमडीआर मरीजों की पहचान हुई. इसका उपचार 9 माह से 2 वर्ष तक चलता है. सीडीओ ने कहा कि राज्य निर्देशानुसार प्रति 1 हजार जनसंख्या पर 30 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जाती है. जिले के 16 प्रखंडों में ट्रूनट मशीन से टीबी की जांच हो रही है. मरीजों की संख्या बढ़ने का एक प्रमुख कारण यह है कि कई मरीज इलाज अधूरा छोड़ देते हैं, इसके कारण संक्रमण फैलता है.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही मानिटरिंग

सीडीओ डॉक्टर जीएम ठाकुर ने कहा कि जिले में टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है. लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदारीपूर्वक फिल्ड स्तर पर कार्य करना होगा. उन्होंने निर्देशित किया कि आशा कार्यकर्ता संवेदनशील एवं असुरक्षित जनसंख्या की लाइन लिस्ट नियमित रूप से तैयार करें. निजी चिकित्सकों से प्रत्येक माह संपर्क बनाए रखें और परिवारिक संपर्कों की जांच सुनिश्चित करें. ताकि किसी भी संभावित मरीज की पहचान में देरी नहीं हो. उन्होंने टीबी-एचआईवी समन्वय गतिविधियों को और मजबूत करने, निक्ष्य पोर्टल पर सटीक रिपोर्टिंग करने तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने पर बल दिया ताकि टीबी रोग से जुड़ा सामाजिक कलंक समाप्त हो सके. डीपीसी पंकज कुमार ने कहा कि टीबी उन्मूलन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. बैठक में जिला टीबी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जीएम ठाकुर, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि व कार्यक्रम से जुड़े सभी एसटीएस, एसटीएलएस और सहयोगी प्रतिनिधि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है