लखनौर. प्रखंड कार्यालय के सभागार में मंगलवार को नवगठित बीस सूत्री प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक हुई. अध्यक्षता प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष ललनकांत मिश्र ने की. बैठक में अंचल, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी, बिजली, मनरेगा, पीएचईडी सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गयी. बैठक की शुरुआत में ही विधान परिषद सदस्य अंबिका गुलाब यादव ने सीओ द्वारा एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं दिए जाने का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया. जिससे बैठक में हलचल का माहौल बन गया. बैठक में दाख़िल-खारिज एवं परिमार्जन प्रक्रियाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, सरकारी कार्यालयों में पदाधिकारियों की अनुपस्थिति, योजनाओं में अनियमितता, प्रधानमंत्री आवास योजना में जिओ टैगिंग के नाम पर अवैध वसूली जैसे कई गंभीर आरोप सदस्यों ने लगाए. स्वास्थ्य विभाग में सफाई, रोगियों के भोजन की गुणवत्ता तथा कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए गए. वहीं, शिक्षा विभाग को लेकर सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन योजना में मिल रहे खराब चावल और पोषण शक्ति योजना में फर्जीवाड़े की बात कही. सदस्यों ने आरोप लगाया कि फर्जी हस्ताक्षर और झूठी रिपोर्ट बनाकर बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. कहा कि बलिया पंचायत में जेसीबी से खुदाई कराई जा रही है. जबकि मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा है. स्कूलों में बिना एनओसी ग्राउंड तैयार कराए जाने और विकास मित्रों द्वारा जॉब कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही है. अवसर पर विधान परिषद सदस्य अंबिका गुलाब यादव, प्रमुख वंदना भारती, बीस सूत्री उपाध्यक्ष शशिकांत चौधरी, बीडीओ राजेश्वर राम, सीओ रितु सोनी, बीपीआरओ रूपेश राय, बीईओ महेश प्रसाद सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य बैद्यनाथ भंडारी, विपिन गांधी, रामशंकर ठाकुर, विवेक ठाकुर, राजेश प्रसाद, विनोद पासवान, जय प्रकाश समेत कई अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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