Madhubani News : मधुबनी. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में कार्यरत आयुष चिकित्सकों एवं फार्मासिस्टों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक शनिवार को पीकू भवन में हुई. अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने की. इस दौरान कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई व टीमों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया. इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि आरबीएसके का उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में विभिन्न बीमारियों, अपंगता एवं विकासात्मक समस्याओं की शीघ्र पहचान और इलाज सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार जिले में प्रत्येक माह बच्चों की स्क्रीनिंग की संख्या में वृद्धि करने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए सभी मोबाइल मेडिकल टीम को सक्रिय भूमिका निभानी होगी. सीएस ने आयुष चिकित्सकों को निर्देश दिया कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के दौरान डेटा की सही प्रविष्टि तथा रिपोर्ट समय पर सुनिश्चित करें. साथ ही, किसी भी गंभीर या संदिग्ध केस की जानकारी तत्काल जिला स्तर पर साझा करें, ताकि आगे की चिकित्सीय कार्रवाई की जा सके. आरबीएसके जिला समन्वयक डॉ दीपक गुप्ता ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 का निर्धारित लक्ष्य 4 लाख 28 हजार के विरुद्ध अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक आरबीएसके टीम द्वारा 2 लाख 70 हजार 414 बच्चों का स्क्रीनिंग किया गया. यह निर्धारित लक्ष्य का 63 प्रतिशत है. डॉ. गुप्ता ने समीक्षा बैठक में मोबाइल टीम के चिकित्सकों को बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया गया. ताकि आने वाले दिनों में तय लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके. ताकि जिला का राज्य में रैंकिंग उपर आ सके. बैठक में टीम द्वारा की गई उपलब्धियों, चुनौतियों व आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह, सीडीओ डॉ. जीएम ठाकुर ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ दीपक गुप्ता, आरबीएसके के नोडल अधिकारी, सभी मोबाइल मेडिकल टीम के सदस्य, आयुष चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट उपस्थित थे. .
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