मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा की रिपोर्ट
Madhubani teachers strike: परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने 11 सूत्री मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना दिया. यह धरना बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल न्याय मंडप के समक्ष आयोजित किया गया, जहां शिक्षकों ने विभागीय उदासीनता के खिलाफ जमकर आवाज उठाई.
धरना में शामिल शिक्षकों ने कहा कि वेतन भुगतान, वेतन निर्धारण, अंतर वेतन भुगतान और प्रोन्नति जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं. इससे शिक्षकों में गहरा आक्रोश देखा गया.
चार माह से वेतन लंबित, विभाग पर लापरवाही का आरोप
धरना को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि डीईओ और डीपीओ स्थापना की उदासीनता के कारण नियोजित शिक्षकों का पिछले चार माह से वेतन भुगतान रुका हुआ है. उन्होंने कहा कि एचटी और एचएम का वेतन निर्धारण तथा अंतर वेतन भुगतान भी लंबे समय से लंबित है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.
महासचिव रघुनाथ यादव ने कहा कि जब तक शिक्षक आंदोलन नहीं करते, तब तक शिक्षा विभाग कुम्भकर्णी नींद में रहता है. उन्होंने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
मांगों के समाधान तक आंदोलन की चेतावनी
धरना में मौजूद संघीय पदाधिकारियों और शिक्षकों ने बारी-बारी से अपनी समस्याएं रखीं. जिला संयोजक रंजन कुमार, प्रवक्ता प्रमोद कुमार राय सहित कई शिक्षकों ने कहा कि जब तक 11 सूत्री मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.
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