Madhubani News: बिहार के बस यात्रियों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है . बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने राज्य में संचालित होने वाली विभिन्न श्रेणियों की बसों के यात्री किराए में बढ़ोतरी कर दी है . विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह नई किराया दरें 1 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएंगी . मधुबनी के जिला परिवहन पदाधिकारी राम बाबू ने बताया कि वर्ष 2021 से लागू पुरानी किराया दरों में दूरी के हिसाब से 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है . इस प्रस्तावित बढ़ोतरी पर सरकार ने अप्रैल में लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे थे, लेकिन कोई विरोध या आपत्ति न मिलने के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया गया है .
दूरी के हिसाब से तय होगा किराया, लंबी दूरी पर कम लगेगा टैक्स
नई व्यवस्था के तहत छोटी दूरी के सफर पर किराए का प्रतिशत अधिक और लंबी दूरी पर कम रखा गया है . परिवहन विभाग ने इसके लिए एक विशेष स्लैब तैयार किया है . 50 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत, 100 किमी तक 14 प्रतिशत, 150 किमी तक 13 प्रतिशत, 200 किमी तक 12 प्रतिशत, 250 किमी तक 11 प्रतिशत और 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है .
साधारण से लेकर वोल्वो और नगर बसों का नया किराया चार्ट
- जो इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- साधारण बस सेवा: वर्तमान किराया 1.50 रुपये से बढ़कर अब 1.65 से 1.73 रुपये प्रति किलोमीटर होगा .
- डीलक्स बस सेवा: वर्तमान किराया 1.70 रुपये से बढ़ाकर 1.87 से 1.96 रुपये प्रति किलोमीटर किया गया है .
- वातानुकूलित (AC) डीलक्स: वर्तमान दर 2.00 रुपये से बढ़कर अब 2.20 से 2.30 रुपये प्रति किलोमीटर होगी .
- वोल्वो श्रेणी बसें: वर्तमान किराया 2.50 रुपये से बढ़ाकर 2.75 से 2.88 रुपये प्रति किलोमीटर तय हुआ है .
- नगर बस सेवा (सिटी बस): पहले चार किलोमीटर के लिए किराया 1.60 रुपये से बढ़ाकर 1.84 रुपये प्रति किमी किया गया है . इसके बाद प्रत्येक दो किमी के लिए 1.50 रुपये की जगह 1.73 रुपये देने होंगे .
मनमानी वसूली पर लगेगी रोक, ओवरलोडिंग करने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह निर्धारित किराया अधिकतम सीमा है और किसी भी बस संचालक को इससे अधिक पैसे वसूलने की इजाजत नहीं होगी . प्रत्येक बस स्टैंड और बसों के भीतर किराया सूची (रेट चार्ट) को प्रमुखता से चिपकाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि पैसेंजर्स से कोई अवैध वसूली न कर सके . इसके साथ ही सभी बसों में यात्रियों के लिए ‘शिकायत पंजी’ रखना जरूरी होगा . अगर कोई बस संचालक क्षमता से अधिक सवारी बैठाता है, तो उसे ओवरलोडिंग का दोषी मानते हुए मोटरयान अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा
