Madhubani News: मधुबनी जिले के रहिका थाना क्षेत्र में बीते 25 मार्च को हुए चर्चित राहुल कुमार उर्फ ‘स्वीच ऑफ’ हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन करने का दावा किया है. पुलिस ने इस सनसनीखेज मर्डर केस में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. गिरफ्तार युवकों की पहचान शोभाकांत चौधरी के पुत्र हेमंत चौधरी (निवासी जगतपुर) एवं मीना बाजार लालू नगर निवासी राहुल साह के रूप में की गई है. पुलिस की वैज्ञानिक जांच और कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की जो खौफनाक कहानी बताई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है.
शराब पीने के दौरान हुआ विवाद
रहिका थानाध्यक्ष आनंद कश्यप ने पूरे मामले की परत-दर-परत जानकारी देते हुए पॉइंट वाइज घटना का विवरण इस प्रकार दिया है:
- कहासुनी और पिस्टल का डर: घटना की रात दुर्गा पूजा के समय राहुल चौधरी उर्फ ‘स्वीच ऑफ’ और उसी के गांव का हेमंत चौधरी एक जगह बैठकर देर रात शराब पी रहे थे. इसी बीच राहुल साह भी वहां पहुंच गया. शराब पीने के दौरान ही अचानक किसी बात को लेकर स्वीच ऑफ के साथ दोनों की कहासुनी होने लगी. चूंकि, स्वीच ऑफ के पास अक्सर पिस्टल रहती थी और वह बात-बात पर फायर कर दिया करता था, इसलिए हेमंत और राहुल साह को डर लगा कि कहीं स्वीच ऑफ उन पर गोली न चला दे.
- गला घोंटने की वारदात: विवाद बढ़ते ही दोनों आरोपियों ने अचानक वहां मौजूद माता रानी की चुन्नी से स्वीच ऑफ का गला तब तक दबाया, जब तक वह मरणासन्न (बेहोशी) की हालत में नहीं पहुंच गया.
बेहोशी की हालत में बाइक पर लादा
मर्डर को एक सामान्य सड़क हादसे का रूप देने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिर दिमाग से काम लिया:
- नदी किनारे ले गए शव: स्वीच ऑफ को मरणासन्न अवस्था में ही हेमंत चौधरी और राहुल साह ने उसी की मोटरसाइकिल पर बीच में बिठाया और मारर जाने वाली कोसी नदी के बांध की तरफ बढ़ गए.
- खौफनाक साजिश: पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि जब वे मारर पुल से आगे बढ़े, तो एक सोची-समझी साजिश के तहत चलती हुई तेज रफ्तार बाइक से हेमंत और राहुल साह अचानक नीचे कूद गए. उन्होंने स्वीच ऑफ को चलती बाइक पर ही छोड़ दिया.
- पेट्रोल लीक होने से लगी आग: इसके बाद अनियंत्रित होकर बाइक कोसी बांध के नीचे पलट गई. चलती बाइक के नीचे गिरने के कारण उसका पेट्रोल टैंक लीक हो गया और देखते ही देखते बाइक में भीषण आग लग गई, जिसमें स्वीच ऑफ बुरी तरह झुलस गया. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पैदल ही वापस मेला में चले आए ताकि किसी को उन पर शक न हो.
वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष ने बताया कि शुरुआत में इस पूरे मामले में राहुल साह और हेमंत चौधरी का नाम दूर-दूर तक नहीं आ रहा था. स्थानीय स्तर पर कई अन्य निर्दोष लोगों के नाम इस प्रकरण में घसीटे जा रहे थे:
- ऐसे खुली पोल: पुलिस ने जब जांच का दायरा बढ़ाया और वैज्ञानिक साक्ष्य (साइंटिफिक एविडेंस) व तकनीकी सुराग जुटाना शुरू किया, तो कई अहम कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं.
- दोषी जेल भेजे गए: जब पुलिस के पास दोनों के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत हाथ लग गए, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हेमंत और राहुल साह को दबोच लिया. साक्ष्य सामने आते ही आरोपियों ने टूटकर अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है.
मधुबनी से अमित कुमार की रिपोर्ट
