मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट
Madhubani News: मधुबनी जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को नई ताकत मिली है. अब टीबी मरीजों की पहचान के लिए लोगों को अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. स्वास्थ्य विभाग ने जिला यक्ष्मा कार्यालय को तीन अत्याधुनिक अल्ट्रा पोर्टेबल हैंड हेल्ड टीबी एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई हैं. इन मशीनों की मदद से गांवों में ही जांच कर मरीजों की तुरंत पहचान की जा सकेगी.
गांव-गांव पहुंचेगी टीबी जांच सुविधा
स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत इन पोर्टेबल मशीनों का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर किया जाएगा. जांच के बाद मौके पर ही रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे संदिग्ध मरीजों की पहचान कर समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा. इससे 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान को भी गति मिलने की उम्मीद है.
पहले चरण में तीन प्रखंडों को मिली सुविधा
फिलहाल बिस्फी, पंडौल और रहिका प्रखंड में इन मशीनों की सुविधा शुरू की गई है. विभाग का लक्ष्य आने वाले समय में जिले के सभी प्रखंडों तक यह सुविधा पहुंचाने का है, ताकि दूरदराज के लोगों को भी नजदीक में जांच की सुविधा मिल सके.
तकनीशियन और वाहन भी किए गए उपलब्ध
सिर्फ मशीनें ही नहीं, बल्कि जांच कार्य को सुचारु बनाने के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन और वाहनों की भी व्यवस्था की गई है. टीम गांवों में पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेगी. जांच में टीबी के लक्षण मिलने पर आगे की जांच कराई जाएगी और मरीज की पुष्टि होने पर मुफ्त इलाज शुरू किया जाएगा.
टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगा बल
सीडीओ डॉ. जी.एम. ठाकुर ने बताया कि पोर्टेबल मशीनों से मरीजों की पहचान तेजी से होगी. वहीं सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती मिलेगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं.
