मधुबनी से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट
Madhubani News: जिले के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल फुलहर ग्राम स्थित बागतड़ाग पोखर की उड़ाही के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक खोज सामने आई है.पोखर से मिथिलाक्षर अभिलेखयुक्त बौद्ध देवी तारा की खंडित प्रतिमा और कैथी लिपि में उत्कीर्ण धातु का पुरावशेष मिला है.इसे शोध और सुरक्षित संरक्षण के उद्देश्य से सौराठ स्थित मिथिला ललित संग्रहालय को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया है.जिला प्रशासन की पहल पर श्री सीताराम जी भगवान समिति के सदस्यों ने संग्रहालयाध्यक्ष नीतीश कुमार को इसे सौंपा.
11वीं-12वीं शताब्दी का धार्मिक केंद्र होने के मिले संकेत
पुरातत्त्व शोधार्थी मुरारी कुमार झा ने बताया कि पोखर के दक्षिण-पश्चिमी भिंडे से विभिन्न प्रकार के मृद्भाण्डावशेष (मिट्टी के बर्तन) मिले हैं, जो प्राचीन मानव बसावट के स्पष्ट संकेत हैं.साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि 11वीं-12वीं शताब्दी के दौरान यहां एक विकसित ग्राम अथवा धार्मिक केंद्र रहा होगा.निरीक्षण में प्राचीन चूल्हों या यज्ञ वेदियों के अवशेष भी मिले हैं.एक्सपर्ट्स ने क्षेत्र में सावधानीपूर्वक उत्खनन की आवश्यकता पर बल दिया है.
मिथिलाक्षर में उत्कीर्ण बौद्ध मंत्र ने बढ़ाया ऐतिहासिक महत्व
इंटैक बिहार के सह-संयोजक डॉ.शिव कुमार मिश्र और संग्रहालयाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि इस दुर्लभ प्रतिमा पर मिथिलाक्षर लिपि में प्रसिद्ध बौद्ध मंत्र उत्कीर्ण है.इस खोज से प्रमाणित होता है कि मध्यकाल में मिथिला क्षेत्र में बौद्ध धर्म और तांत्रिक परंपराओं का गहरा प्रभाव था.संग्रहालय में इस प्रतिमा की कला-शैली और काल-निर्धारण का विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा, जिससे मिथिला के कला इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा.
