मधुबनी: कटे होंठ, कटे तालू और जीभ चिपके होने जैसी जन्मजात शारीरिक विकृतियों से जूझ रहे जिले के बच्चों और उनके परिजनों के लिए राहत की खबर है. स्वास्थ्य विभाग ऐसे बच्चों के इलाज और सर्जरी के लिए विशेष पहल करने जा रहा है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 20 से 25 सितंबर तक मोतिहारी के रक्सौल स्थित द डंकन हॉस्पिटल में विशेष निःशुल्क चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है.
यह शिविर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं ‘रीजन बियॉन्ड मेडिकल यूनियन सोसायटी’ तथा ‘लव विदाउट रीजन फाउंडेशन’ के संयुक्त तकनीकी सहयोग से आयोजित किया जा रहा है.
गांवों से शिविर तक बच्चों को मुफ्त पहुंचायेगा स्वास्थ्य विभाग
जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से चिन्हित बच्चों और उनके अभिभावकों को शिविर स्थल तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है. सफल ऑपरेशन के बाद उन्हें वापस घर तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 102 एंबुलेंस की शत-प्रतिशत निःशुल्क व्यवस्था की है. इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों पर इलाज और आने-जाने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने देना है.
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
शिविर की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल सर्जन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किये हैं. उन्होंने कहा है कि यह शिविर जिले के उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो जन्मजात शारीरिक समस्या के कारण सामान्य रूप से बोलने और हंसने में परेशानी का सामना करते हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस मानवीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, कोताही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. जयनगर पीएचसी के आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जयसुदन झा और बासोपट्टी सीएचसी के फार्मासिस्ट रौशन कुमार को विशेष रूप से शिविर में मुस्तैद रहकर हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है.
परिजनों की मदद के लिए समन्वय टीम गठित
मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए विशेष ऑन-ग्राउंड समन्वय टीम गठित की गयी है. बच्चों की जांच, एंबुलेंस की बुकिंग या अस्पताल में सर्जरी से संबंधित किसी समस्या, कठिनाई या शिकायत के लिए परिजन सीधे टीम के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं.
समीर के. डिगल (लायजन ऑफिसर): 8986999618 सैयद मोइउद्दीन (प्रोजेक्ट मैनेजर): 9742277719 समीना कौसर (लोक संपर्क प्रबंधक): 9916677787
नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आरबीएसके टीम से करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अभिभावकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि यदि कोई जरूरतमंद बच्चा ऐसी जन्मजात शारीरिक समस्या से जूझ रहा है, तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आरबीएसके टीम के माध्यम से शिविर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं.
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