मधुबनी: जिले में लिम्फोडेमा से प्रभावित लोगों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र के साथ यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड (UDID) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. जिले में वर्तमान में करीब 1445 लोग लिम्फोडेमा से प्रभावित हैं. इनमें अब तक केवल 38 लोगों को ही दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिया गया है. अब इस प्रक्रिया को तेज करते हुए शत-प्रतिशत पात्र लोगों तक दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड पहुंचाने की तैयारी है.
दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय ने असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. निदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिले में करीब 1445 व्यक्ति लिम्फोडेमा से प्रभावित हैं, जबकि अब तक केवल 38 व्यक्तियों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र निर्गत किया गया है.
फाइलेरिया के कारण होने वाले लिम्फोडेमा पर जोर
लिम्फोडेमा फाइलेरिया से होने वाली प्रमुख दीर्घकालिक जटिलताओं में से एक है. इसमें शरीर के प्रभावित अंग, विशेषकर पैर और हाथ में असामान्य रूप से सूजन हो जाती है. लंबे समय तक रहने वाली यह स्थिति व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों और काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से फाइलेरिया से प्रभावित लोगों की पहचान और उपचार के साथ उन्हें आवश्यक सामाजिक एवं सरकारी सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है.
2023 में भी जारी हुआ था निर्देश
इससे पहले राज्य आयुक्त नि:शक्तता ने 13 सितंबर 2023 को भी लिम्फोडेमा से प्रभावित व्यक्तियों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड निर्गत करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिया था. अब दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय ने सभी जिलों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.
शत-प्रतिशत पात्र लोगों को लाभ देने का लक्ष्य
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि लिम्फोडेमा से प्रभावित शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए. इससे प्रभावित लोगों को दिव्यांगजन के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी.
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि लिम्फोडेमा से प्रभावित पात्र लोगों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र एवं UDID कार्ड उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. जिले के सभी पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने और उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक निर्देश दिया है.
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