Madhubani News: जिला अधिवक्ता संघ परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषिदेव सिंह की अध्यक्षता में "मंदिर में चोरी-हेराफेरी" विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई. गोष्ठी में मंदिरों में होने वाली चोरी, गबन तथा धार्मिक संपत्तियों के दुरुपयोग की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके विरुद्ध कठोर कानून बनाने की मांग उठाई गई.
धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून की मांग
वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषिदेव सिंह ने कहा कि विश्व के कई देशों में चोरी, लूट और डकैती जैसे अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान है, जिसके कारण ऐसे मामलों में कमी देखने को मिलती है. उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार एक मंदिर के पूर्व प्रमुख को गबन के आरोप में 24 वर्ष के कारावास और लगभग 35 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी.
उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न हिस्सों से भी मंदिरों में चोरी और धार्मिक संपत्तियों के दुरुपयोग की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं. यदि ऐसे अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया जाए तो इन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा.
न्याय व्यवस्था में विश्वास मजबूत करने पर जोर
गोष्ठी में उपस्थित अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार से मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनिश्चित करने की मांग की. उनका कहना था कि इससे न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा.
कई अधिवक्ताओं ने रखे अपने विचार
गोष्ठी को अधिवक्ता राकेश कुमार सिंह, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बासुदेव झा, कालिका प्रसाद सिंह, अजय सिंह, इंद्रदीप कुमार सिंह, महेंद्र ठाकुर, सीमा झा, मनोज सिंह, रमण यादव, धैर्य शंकर झा, ललित यादव, राजा झा, सुहैल नैय्यर सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी संबोधित किया.
