मधुबनी में कालाजार उन्मूलन की तैयारी तेज, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए मधुबनी में स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस कार्यक्रम का पूरा वित्तीय भार वहन करेगा, जिससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकी जानकारी मिलेगी.

Madhubani News: कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी बनाए रखने के लिए जिले में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वास्थ्य विभाग जिला स्तर पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित करेगा, जिसमें ब्लॉक स्तर के चिकित्सा पदाधिकारी, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और वेक्टर जनित रोग (वीबीडी) कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

कार्यशाला का उद्देश्य कालाजार उन्मूलन की उपलब्धि को लंबे समय तक बनाए रखना है.

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने दिए निर्देश

अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नरेन्द्र कुमार सिन्हा ने जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

उन्होंने कहा कि कालाजार रोग के उन्मूलन के लक्ष्य को बनाए रखने के लिए 22 जिलों में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित और जागरूक किया जाएगा. इसके लिए जिला स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है.

इन विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण

कार्यशाला में स्वास्थ्य कर्मियों को कालाजार की समय पर पहचान, संदिग्ध मरीजों की जांच, इलाज प्रबंधन, रोग निगरानी, वेक्टर नियंत्रण, सर्विलांस, रिपोर्टिंग प्रणाली और उन्मूलन के बाद भी सतर्कता बनाए रखने जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा.

साथ ही राष्ट्रीय कार्यक्रम की नवीनतम तकनीकी गाइडलाइन से भी अवगत कराया जाएगा, ताकि संभावित मरीजों की पहचान और उपचार समय पर हो सके.

अगस्त से नवंबर के बीच होगी कार्यशाला

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि अगस्त से नवंबर के बीच डब्ल्यूएचओ (WHO) के जोनल को-ऑर्डिनेटर के समन्वय से कार्यशाला की तिथि तय की जाए.

जिला स्तर पर तिथि निर्धारित होने के बाद इसकी सूचना राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी.

डब्ल्यूएचओ उठाएगा पूरा खर्च

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम पर होने वाला पूरा वित्तीय व्यय विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) वहन करेगा.

इससे प्रशिक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित किया जा सकेगा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों को नवीनतम तकनीकी जानकारी उपलब्ध होगी.

उन्मूलन की उपलब्धि बनाए रखने पर फोकस

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नियमित तकनीकी प्रशिक्षण से चिकित्सा पदाधिकारियों और वीबीडी कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी.

इससे कालाजार के संभावित मामलों की समय पर पहचान, प्रभावी इलाज, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जिले में कालाजार उन्मूलन की उपलब्धि को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलेगी.


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By Anil kunar jha

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