झंझारपुर. घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से इको इंडिया के साझेदारी से दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. क्षमता वर्धन प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन, जलवायु लचीलापन और आजीविका विकास के लिए अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमताओं को सशक्त बनाना शामिल है. यह कार्यशाला इको मॉडल के माध्यम से कार्यकर्ताओं को ज्ञान साझा करने, डिजिटल उपकरणों और वास्तविक समय पर मार्गदर्शन प्रदान करने, आपदा और जलवायु से संबंधित चुनौतियों से निपटने के सशक्त बनाने के लिए किया गया है. उद्घाटन एडीएम संतोष कुमार, जीपीएसबीएस के अध्यक्ष रमेश कुमार, यूनिसेफ के राजीव कुमार, इको इंडिया के राम जतन दास, संस्थापक अध्यक्ष तपेश्वर सिंह, पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह आदि ने किया. एडीएम संतोष कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए आम लोगों को भी सजग होना पड़ेगा. पानी निकासी के माध्यम को लोग धीरे धीरे विलुप्त करते जा रहे हैं. गांवों की तालाबों का भराव कर घर निर्माण किया जा रहा. यह आपदा को निमंत्रण दे रही है. यूनिसेफ के प्रोग्राम स्पेशलिस्ट राजीव कुमार ने क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया. जीपीएसबीएस अध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा कि जीपीएसबीएस इस मॉडल को स्वतंत्र रूप से क्रियान्वित करने और जमीनी स्तर पर इसके विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है. इको इंडिया के राम जतन दास ने कहा कि इको प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल माध्यमों के द्वारा स्थानीय कार्यकर्ताओं को विशेषज्ञों से समय पर मार्गदर्शन मिलेगा. संस्थापक अध्यक्ष तपेश्वर सिंह ने कहा कि यह साझेदारी बिहार में एक तकनीकी रूप से सक्षम, समुदाय आधारित, और दृढ़ स्थायी आपदा प्रबंधन और जलवायु लचीलापन मॉडल की दिशा में एक ठोस कदम है. प्रशिक्षण में नेहा, बासुदेव दास, वासुदेव मंडल, शैलेंद्र कर्ण, निकिता दास, मनीष माधव, अनिकेत नारायण, उमेश कुमार, दिबांशु कुमार दास, पुष्पा कुमारी, अलिसा अंसारी, मुन्नी कुमारी, सौरभ कुमार, श्याम कुमार सिंह, अरुण कुमार, कमल कुमार, मनीष यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे.
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