Madhubani News : जिले का पहला एचडब्ल्यूसी भवानीपुर को मिला नेशनल सर्टिफिकेशन

जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भवानीपुर को नेशनल सर्टिफिकेशन मिला है.

मधुबनी.

जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के लिए हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर भवानीपुर को नेशनल सर्टिफिकेशन मिला है. विदित हो कि जिले का पहला स्वास्थ्य संस्थान है. जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सर्टिफिकेशन मिला है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के भवानीपुर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को केंद्रीय सर्टिफिकेशन मिला है एनक्यूएएस के सभी आठ पैरामीटर पर मार्किंग की गयी. इसमें सभी पैरामीटर एनक्यूएएस के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है. केंद्रीय टीम द्वारा वर्चुअल मोड में असेसमेंट किया गया. इसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवानीपुर को 89.43 प्रतिशत से ऊपर स्कोर प्राप्त हुआ है. अब प्रतिवर्ष इस हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को 1,26,000 की राशि दी जाएगी.

सात फैसिलिटी पर अस्पताल को किया गया है तैयार

डीपीएम पंकज मिश्रा ने बताया कि हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर भवानीपुर में 7 पैकेज को सुदृढ़ किया गया है. इसमे केयर एंड प्रेगनेंसी एंड चाइल्ड बर्थ, न्यूनेटल एंड इन्फेंट हेल्थ केयर सर्विसेज, चाइल्डहुड एंड एडोलेसेंट हेल्थ केयर सर्विसेज, फैमिली प्लैनिंग कांट्रेसेप्टिव सर्विसेज एंड अदर रिप्रोडक्टिव हेल्थ केयर सर्विसेज, मैनेजमेंट ऑफ़ कम्युनिकेबल डिजीज इंक्लूडिंग नेशनल हेल्थ प्रोग्राम, मैनेजमेंट का कॉमन कम्युनिकेबल डिजीज और आउट केयर पेशेंट फॉर एक्यूट सिंपल इलनेस, स्क्रीनिंग प्रिवेंशन कंट्रोल एंड मैनेजमेंट का नॉन कम्युनिकेबल डिजीज को सुदृढ़ किया गया है.

इस तरह होता है अस्पतालों का मूल्यांकन

डीसीक्यूए रवि चौधरी ने बताया कि एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के लिए प्रथम स्तर पर इंटरनल असेसमेंट, उसके बाद जिला एवं राज्य स्तरीय टीम के द्वारा प्रमाणीकरण के लिए आवेदन किया जाता है. राज्य स्तरीय टीम के संतुष्ट होने पर केंद्रीय टीम को जांच के लिए आवेदन किया जाता है. केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टीम द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन के लिए अस्पतालों का 8 एरिया ऑफ कंसर्न पर कार्य किया किया जाता है.

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मिलने वाली सेवाओं पर दिखेगा असर

क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस का प्रमाणीकरण मिलने पर वहां मिलने वाली अनेक तरह की सेवाओं पर असर दिखता है. एएनसी, टीकाकरण, ओपीडी, परिवार नियोजन, आउटरीच में होने वाली एक्टिविटी का विस्तार होता है। इससे पेशेंट सटिस्फैक्टरी सर्वे से संस्थान पर उपलब्ध सेवाओं का विस्तार होगा. जिसका सीधा असर वहां के स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ेगा। स्वस्थ माहौल का निर्माण होगा जो स्वास्थ्य के चहुंमुखी विकास के लिए जरूरी है.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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