मधुबनी. व्यवहार न्यायालय में वर्षों से चल रहे अभिलेखों का जल्द ही डिजिटलाइजेशन किया जाएगा. इसके लिए कवायद शूरू कर दी गयी है. स्कैनर मशीन के लिए न्यायालय परिसर स्थित नजारत व राजस्व कार्यालय को दूसरे जगह शिफ्ट किया गया. वहीं, इस जगह पर डिजिटलाइजेशन के लिए विशेष रूप से 35 स्कैनर मशीनें लगाई जाएगी. जिसमें पुराने अभिलेखों को स्कैन कर डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा. इससे अभिलेखों की सुरक्षा जल्द उपलब्ध हो सकेगी. साथ ही न्यायिक प्रक्रिया अधिक तेज व पारदर्शी बनेगी. न्यायालय प्रशासन का लक्ष्य है कि निकट भविष्य में मधुबनी व्यवहार न्यायालय को पूरी तरह पेपरलेस बना दिया जाए. इससे फाइलों के भंडारण और प्रबंधन में लगने वाले समय और संसाधनों की जहां बचत होगी. वहीं वकीलों एवं पक्षकारों को भी डिजिटल माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों की असानी से उपलब्ध हो सकेगी. इस सबंध में न्यायालय प्रबघंक सरफराज आलम ने बताया कि यह पहल न्यायिक व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. माह के अंत तक डिजिटलाइजेशन की पूरी प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. कहा कि जिला न्यायालय कंप्यूटर कमिटी के अध्यक्ष सह स्क्रिनिंग नोडल ऑफिसर एडीजे प्रथम सैयद मो. फजलूल बारी, ई कोर्ट नोडल आफिसर नरेश कुमार व सिस्टम ऑफिसर विमलेश कुमार के देखरेख में अभिलेख का डिजिटलाइजेशन किया जायेगा.
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