मधुबनी सदर अस्पताल में कई दवाएं उपलब्ध नहीं, मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही दवा

मधुबनी जिले के केंद्रीय दवा भंडार में गंभीर दवा की कमी देखी जा रही है. ओपीडी और आईपीडी के लिए कई ज़रूरी दवाएं नदारद हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खास तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन की किल्लत चिंताजनक बनी हुई है.

Madhubani News: मधुबनी. जिले के केंद्रीय दवा भंडार में मरीजों के लिए जरूरी दवाओं की कमी सामने आई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ओपीडी और आईपीडी के निर्धारित स्टॉक की तुलना में वर्तमान में कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं. सबसे चिंताजनक स्थिति एंटी-रेबीज वैक्सीन की है, जिसका स्टॉक केवल 170 वायल बताया गया है. वहीं, स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से 31 हजार से अधिक वायल की मांग की गई थी.

ओपीडी की 270 में 153 और आईपीडी की 156 में 86 दवाएं उपलब्ध

केंद्रीय दवा भंडार के आंकड़ों के अनुसार ओपीडी के लिए निर्धारित 270 प्रकार की दवाओं में वर्तमान में 153 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं. यानी करीब 117 प्रकार की दवाएं स्टॉक में नहीं हैं.

वहीं, भर्ती मरीजों के लिए आईपीडी में 156 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 86 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं. दवाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

एंटी-रेबीज वैक्सीन का स्टॉक सिर्फ 170 वायल

कुत्ते और अन्य जानवरों के काटने के बाद दी जाने वाली एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता भी चिंता का विषय बनी हुई है. वर्तमान में दवा भंडार में केवल 170 वायल एआरवी स्टॉक में होने की जानकारी दी गई है.

जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों के काटने की घटनाएं बढ़ने के बीच रोजाना बड़ी संख्या में मरीज वैक्सीन के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं.

31 हजार से अधिक एआरवी की मांग, आपूर्ति में कमी

विभागीय सूत्रों के अनुसार, सभी स्वास्थ्य संस्थानों ने करीब तीन माह पहले दवा आपूर्ति एजेंसी बीएमएसआईसीएल को एंटी-रेबीज वैक्सीन की मांग भेजी थी. इसमें सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 31 हजार से अधिक वायल की मांग शामिल थी.

हालांकि, आपूर्ति एजेंसी की ओर से मांग के अनुरूप एआरवी की आपूर्ति नहीं की जा रही है. इससे स्वास्थ्य संस्थानों में वैक्सीन की उपलब्धता प्रभावित हो रही है.

रोजाना चार दर्जन से अधिक एनिमल बाइट मरीज पहुंच रहे

जिला अस्पताल में रोजाना करीब चार दर्जन से अधिक एनिमल बाइट के मरीज इलाज और वैक्सीन के लिए पहुंच रहे हैं. ऐसे में सीमित स्टॉक के कारण मरीजों को परेशानी होने की बात सामने आई है.

सदर अस्पताल दवा भंडार के फार्मासिस्ट जैनेंद्र माधव ने बताया कि दवा भंडार में एआरवी का पर्याप्त स्टॉक नहीं है. इससे मरीजों को परेशानी हो रही है.

मरीज बोले- ज्यादातर दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही

सदर अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने बताया कि अधिकांश दवाएं बाहर से ही खरीदनी पड़ रही हैं. अस्पताल से केवल एक-दो दवाएं ही मिल पा रही हैं.

वहीं, सदर अस्पताल के दवा भंडार में ओपीडी के लिए 268 के मुकाबले 200 और आईपीडी में 156 के मुकाबले 110 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है.

किल्लत दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी

अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, एंटी-रेबीज वैक्सीन की कमी दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास तेज किए गए हैं. आपूर्ति श्रृंखला में आई तकनीकी दिक्कत के कारण देरी होने की बात कही गई है.

अधिकारियों ने जल्द पर्याप्त मात्रा में एआरवी मंगवाकर अस्पताल के काउंटर पर उपलब्ध कराने की बात कही है.

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By Anil kunar jha

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