गिरिजा व्यास के निधन पर अखिल भारतीय दर्शन परिषद ने जताया शोक

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था. उनकी आठ पुस्तकें प्रकाशित है.

मधेपुरा.

अखिल भारतीय दर्शन परिषद के पदाधिकारियों ने सुप्रसिद्ध राजनीतिज्ञ एवं लेखिका गिरिजा व्यास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा में स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष सह अखिल भारतीय दर्शन परिषद के सह-सचिव डा सुधांशु शेखर ने बताया कि राजसमंद जिले के नाथद्वारा में जन्मी गिरिजा व्यास एक भारतीय राजनीतिज्ञ, कवि एवं लेखिका थी. वह अखिल भारतीय दर्शन परिषद की सक्रिय सदस्य थी और इसके अधिवेशनों में शामिल होती थी. उन्होंने बताया कि गिरिजा व्यास के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे व मां शिक्षिका थी. उन्होंने उदयपुर विश्वविद्यालय उदयपुर (वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर) से स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी. उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था. उनकी आठ पुस्तकें प्रकाशित है. उन्होंने बताया कि गिरिजा व्यास वर्ष 1990 से लगातार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य रही. वह वर्ष 1993 में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनी एवं वर्ष 2009 में कांग्रेस पार्टी की मुख्य सचेतक रही. उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुखपत्र कांग्रेस संदेश पत्रिका के मुख्य सम्पादक की भूमिका भी निभाई व राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया. उन्होंने बताया कि गिरिजा व्यास ने राजस्थान की राजनीति में एक अहम योगदान दिया. उन्होंने पहली बार वर्ष 1985 में उदयपुर विधानसभा सदस्य के रूप में संसदीय राजनीति में प्रवेश किया. जिसके बाद निरंतर आगे बढ़ती रही. आगे जल्द ही उन्होंने दिल्ली की राजनीति में भी अपनी पहचान बना ली व लगातार कई पदों पर रहीं. वह वर्ष 2008 में राजस्थान विधानसभा में वापस लौटी और एक साल बाद इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने बताया कि गिरिजा व्यास पांच बार लोकसभा सदस्य बनी. उन्होंने वर्ष 1991 में 10वीं, वर्ष 1996 में 11वीं, वर्ष 1998 में 12वीं एवं 1999 में 13वीं लोकसभा में लगातार चार बार उदयपुर का प्रतिनिधित्व किया. वह आखिरी बार वर्ष 2009 में 15वीं लोकसभा में चित्तौड़गढ़ से विजयी हुई थी. उन्होंने बताया कि गिरिजा व्यास ने केंद्रीय मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण कार्य किये. वह वर्ष 1991 से 1993 तक नरसिम्हा राव सरकार में सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री के रूप में काम किया. उन्होंने बताया कि गिरिजा व्यास वर्ष 2013 में मनमोहन सिंह सरकार में आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री रही. उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग में दो कार्यकाल वर्ष 2005 से वर्ष 2008 एवं वर्ष 2008 से वर्ष 2011 तक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. शोक व्यक्त करने वालों में अखिल भारतीय दर्शन परिषद के अध्यक्ष प्रो अंबिका दत्त शर्मा, सचिव प्रो किस्मत कुमार सिंह, उपाध्यक्ष प्रो दिलीप चारण, उपाध्यक्ष डा रजनी सिन्हा, उपाध्यक्ष डा अजय कुमार सिंह, सह-सचिव डा जयंत उपाध्याय, सह-सचिव डा कविता भट्ट, कोषाध्यक्ष डा विजय कुमार, प्रधान संपादक प्रो शैलेश कुमार सिंह, संपादक प्रो श्यामल किशोर, प्रो पूर्णेंदु शेखर एवं प्रो अवधेश कुमार सिंह के नाम शामिल है.

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Author: Kumar Ashish

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