Madhubani News: सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार के औचक निरीक्षण में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों समेत 21 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए. मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने सभी अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है तथा उनकी अनुपस्थित अवधि के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है.
उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और उपाधीक्षकों को निर्देश दिया है कि अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपने स्पष्ट मंतव्य के साथ प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं.
घोघरडीहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मिली कई अनियमितताएं
सिविल सर्जन ने हाल ही में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोघरडीहा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुलपरास तथा अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास का औचक निरीक्षण किया. घोघरडीहा पीएचसी में उपस्थिति पंजी की जांच के दौरान कई चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी बिना अनुमति अनुपस्थित मिले.
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मो. रिजवान अली अंसारी, डॉ सुमित कुमार, डॉ मो. इफ्तेखार, डॉ अश्विनी कुमार, डॉ शहादत अली समेत कई एएनएम, नेत्र सहायक, फार्मासिस्ट और डाटा एंट्री ऑपरेटर अनुपस्थित पाए गए. सभी से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.
रिकॉर्ड संधारण में भी मिली गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान रोकड़ बही और भंडार पंजी के रखरखाव में भी अनियमितताएं सामने आईं. सामान्य रोकड़ बही का संधारण नहीं पाया गया, जबकि भंडार पंजी भी अद्यतन नहीं थी. सिविल सर्जन ने भंडारपाल को तीन दिनों के भीतर सभी अभिलेख अद्यतन कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
फुलपरास पीएचसी में भी कई कर्मी अनुपस्थित
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुलपरास के निरीक्षण में भी डॉ सुनील कुमार सिंह सहित कई स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले. इनमें एएनएम, बीसीएम और डाटा एंट्री ऑपरेटर भी शामिल हैं. सिविल सर्जन ने इनके अनुपस्थित अवधि के वेतन भुगतान पर भी अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक अनुपस्थित अवधि का वेतन जारी नहीं किया जाएगा.
