मधुबनी मछली पालन: जिले में मत्स्य पालन को तकनीकी रूप से मजबूत और किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है. इसी क्रम में 30 मत्स्य पालक किसानों को उन्नत मत्स्य पालन का प्रशिक्षण लेने के लिए पटना भेजा गया है. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को आधुनिक एक्वाकल्चर तकनीक से लेकर तालाब प्रबंधन, मछली के बीज के चयन और रोग नियंत्रण तक की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी.
जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार के निर्देश पर किसानों को प्रशिक्षण के लिए डी.एन.एस., पटना भेजा गया. बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम के जिला समन्वयक विवेक प्रियदर्शी ने प्रशिक्षणार्थियों को रवाना किया. विभाग की इस पहल से जिले में वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
आधुनिक एक्वाकल्चर तकनीक की मिलेगी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान मत्स्य पालकों को तालाब के बेहतर प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का चयन, संतुलित आहार प्रबंधन, जल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और मछलियों में होने वाली बीमारियों के नियंत्रण के बारे में भी बताया जाएगा.
किसानों को यह भी सिखाया जाएगा कि कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है. प्रति इकाई क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद किसान अपने तालाबों में इन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन क्षमता बढ़ा सकेंगे.
वैज्ञानिक तकनीक से बढ़ेगी मछली पालकों की आय
वर्तमान समय में पारंपरिक मत्स्य पालन को वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ना किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है. तालाब में पानी का सही प्रबंधन, मछलियों की संख्या का संतुलन और गुणवत्तापूर्ण आहार उत्पादन पर सीधा असर डालते हैं.
प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को बेहतर फीड कन्वर्जन, स्टॉकिंग डेंसिटी और रोग प्रबंधन जैसी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी. इन तरीकों को अपनाने से उत्पादन लागत को नियंत्रित करने और मछलियों की बेहतर वृद्धि में मदद मिल सकती है.
रोजगार और आय के नए अवसर बढ़ेंगे
बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम के जिला समन्वयक विवेक प्रियदर्शी ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान देकर आत्मनिर्भर बनाना है. किसानों को बदलती तकनीक के अनुसार प्रशिक्षण मिलने से वे मत्स्य पालन को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बना सकेंगे.
इस पहल से मधुबनी जिले में गुणवत्तापूर्ण मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित हो सकेंगे. विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर दूसरे किसानों के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं.
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