मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी सहित नेपाल में कई आपराधिक घटनाओं को दे चुका है अंजाम
बाबूबरही : स्थानीय कपड़ा व्यवसायी अजय कुमार पंजियार के घर ढ़ाई महीने पूर्व हुई डकैती मामले में बाबूबरही की पुलिस ने नेपाल खजुरी के झीझा निवासी उपेन्द्र पासवान को गिरफ्तार कर लिया है. जिसे मंगलवार को न्यायिक हिरासत में मधुबनी भेज दिया गया. गिरफ्तार उपेन्द्र ने पुलिस को कई चौकाने वाली जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि अपने दादा एवं पिता के मार्ग पर चलते चलते चार दशक बीत गया. तकरीबन 40 वर्ष से अपराध के दुनियां में अपनी तूती बजा रखी है. तीसरी कक्षा पास उपेन्द्र ने कहा कि उनका गैंग नेपाल के अलावे मधुवनी, दरभंगा व सीतामढ़ी जिले में अब तक कई घटनाओं को अंजाम दिया है.
बताया कि वर्ष 2005 में जयनगर में हुई डकैती के मामले में ये रामपट्टी जेल में बंद था. एक महीने के बाद जेल का रंगाई शुरू हुआ. उसी क्रम में अपने एक अन्य साथी के साथ जेल से भाग निकला.उसने कहा कि उपेन्द्र की बहन व भतीजी की शादी बाबूबरही के बौंसी गांव में हैं. वह अकसर यहां आया करता था. इसी दौरान अजय पंजियार के घर डकैती की घटना को अंजाम दिया. डकैती के मुख्य सुत्रधार उपेंद्र ने कहा कि जेवर इतना था कि ले जाने में परेशानी हो रही थी.
सोना के जेवर अपने साथ ले गया. शेष चांदी के जेवर को तालाब में डाल दिया. घटना के दो दिन बाद चार चक्के वाहन से चांदी के जेबर तालाब से निकाल ले गया. बाबूबरही थानाध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि पुलिस अनुसंधान में उपेन्द्र गिरोह का नाम सामने आया. फिर जानकारी मिली कि सोमवार को उपेन्द्र कुछ जेवरात के साथ जयनगर बेचने आया है. उसे वहीं दबोच लिया गया.
