हमें बेटा व बेटी में नहीं समझना चाहिये कोई फर्क

हमें बेटा व बेटी में नहीं समझना चाहिये कोई फर्क

मधेपुरा. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत जिला प्रशासन के सौजन्य से जानकी सीएलएफ जीविका में जीविका दीदियों के साथ सखी वार्ता का आयोजन बुधवार को किया गया. इस दौरान उपस्थित जीविका दीदियों को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूणहत्या, लिंगानुपात के साथ सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया. जिला परियोजना प्रबंधक अमन कुमार झा ने बताया कि हमें बेटा व बेटी में कोई फर्क नहीं समझना चाहिये.सभी को समान रूप से शिक्षा देना चाहिये. जिला मिशन समन्वयक मो इमरान आलम ने कहा कि बाल विवाह एक अभिशाप है. बाल विवाह कानून के तहत बाराती बैंड, बाजा, बाराती और सरती सब कानून का हकदार होंगे. लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार ने कहा कि महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए मिशन शक्ति कार्यालय जिला में संचालित हैं. महिलाएं टोलफ्री नंबर 181 पर अपनी समस्या बताकर सहयोग प्राप्त कर सकते हैं. कहा कि कन्याओं के उत्थान में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना व महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अहम भूमिका रही है. वही वित्तीय साक्षरता में विशेषज्ञ अभिमन्यु कुमार ने कहा कि जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना बेटियों के उत्थान में मिल का पत्थर साबित हो रहा है. मौके पर सामुदायिक समन्वयक दिलीप कुमार चौधरी, रामानंद कुमार, जीविका दीदी सुनीता, नूतन, रीना, सुधा, निशु, सालो, राधा देवी आदि उपस्थित थी.

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By Kumar ashish

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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