सदर अस्पताल में मरीजों की उमड़ी भीड़, मौसमी बीमार से बढ़ी लोगों की परेशानी

सदर अस्पताल में मरीजों की उमड़ी भीड़, मौसमी बीमार से बढ़ी लोगों की परेशानी

By Kumar Ashish | April 30, 2025 7:07 PM

मधेपुरा. जिले में मौसम में हो रहे बदलाव के कारण सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है. कभी बारिश, तो कभी तेज धूप के कारण यहां की ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में बीमारों का जमावड़ा लगा हुआ है. अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को लगभग पांच सौ मरीजों का इलाज किया गया. इनमें मुख्य रूप से सर्दी-खांसी, बुखार, उल्टी, डायरिया और अन्य संबंधित बीमारियों से ग्रसित लोग शामिल थे.बदलते मौसम की वजह से बीमारियों के प्रकोप में वृद्धि हुई है और यह स्थिति खासकर बच्चों और वृद्ध व्यक्तियों में अधिक देखी जा रही है. मौसम में बदलाव से स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर डॉक्टरों का मानना है कि मौसम में आये बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. रात और दिन के तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से वायरल संक्रमण, बुखार, जुकाम, पेट संबंधी परेशानी और डायरिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं. तेज धूप और बारिश के बीच उमस भी लोगों को परेशान कर रही है, जिससे बीमारियों का खतरा और बढ़ गया है. अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ इतनी बढ़ गयी है कि पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टरों के कक्ष और जांच के लिए लैब तक में लंबी लाइनों का सामना करना पड़ रहा है. खासतौर पर बच्चे और वृद्ध मरीज इन मौसमजनित बीमारियों का अधिक शिकार हो रहे हैं. बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है परेशानी डॉ सचिन ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण बीमारियों की संख्या में वृद्धि हुई है. गर्मी और बारिश के साथ उमस बढ़ने से वायरल फीवर और अन्य संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं. संक्रमण का मुख्य कारण दूषित पानी पीना भी बताया जा रहा है, जिससे उल्टी, दस्त, पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. अस्पताल में मरीजों का उपचार जारी है, लेकिन इनमें से अधिकतर बीमारियों का मूल कारण जल प्रदूषण और साफ-सफाई का अभाव है. सबसे अधिक प्रभाव छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ा है. बच्चों को बुखार, खांसी, जॉन्डिस, डायरिया और डिसेंट्री जैसी बीमारियों ने जकड़ लिया है. चिकित्सकों का कहना है कि इन बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है.साथ ही, दूषित पानी का सेवन न करने और स्वच्छता का पालन करने की सलाह दी जा रही है. बारिश के बाद उमस और गर्मी के कारण भी लोग बहुत परेशान हैं, क्योंकि इन दोनों मौसम की प्रतिकूलता से उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. बुधवार को अधिकतम 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा. इन तापमान बदलावों के कारण ही यहा. बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में इस तरह के अचानक बदलाव से न केवल संक्रमण फैलते हैं, बल्कि मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. जनता को सलाह दी जा रही है कि वे स्वच्छता का ध्यान रखें, पानी उबालकर पिएं और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें ताकि बीमारियों से खुद का और अपने परिवार का बचाव कर सकें. इस मौसम में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है ताकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचा जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है