अतिक्रमण हटाने के कुछ दिन बाद भी स्थिति जस की तस, अभियान बेअसर

अतिक्रमण हटाने के कुछ दिन बाद भी स्थिति जस की तस, अभियान बेअसर

मधेपुरा.

शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने व जाम से मुक्त करने के लिए डीएम के निर्देश पर जिला व निगम प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. इस दौरान सौ से अधिक अवैध संरचनाओं को ध्वस्त भी किया गया था, लेकिन टीम के जाते ही स्थिति फिर जस की तस हो गयी. वही अब स्थायी व फुटपाथी दुकानदारों ने नहीं मानी बात अवैध कब्जा हटाने के बावजूद फुटपाथी दुकानदारों के साथ-साथ स्थायी दुकानदार भी अतिक्रमण खाली नहीं कर रहा है. ये दुकानदार अपनी दुकान से बाहर तीन से पांच फीट तक सामान सजाकर रखते हैं.

ज्ञात हो कि सबसे पहले कॉलेज चौक से पहले दिन तो अतिक्रमण हटा, लेकिन टीम के हटते ही सड़क पर फिर कब्जा हो गया. चौराहा का आलम यह है कि शहर के सुभाष चौक पर दो बड़ी गाड़ियों के एक साथ आने पर जाम लग जाता है. चारों ओर तीन ऑटो का अवैध स्टैंड अब भी जारी है, जो जाम का सबसे बड़ा कारण है. हर कोने पर फुटपाथी दुकाने हैं और मैन मार्केट रोड पर सब्जी तथा अन्य स्थायी दुकानों का बाहर तक कब्जा है. शहर के कॉलेज चौक के समीप मॉल व स्टेशन के सामने के सामने सड़क पर अवैध पार्किंग व दुकानें सजी हैं. शहर के डाकबंगला स्थित दीवार से सटा ट्रांसफॉर्मर के नीचे भी दुकानें सजी हुई हैं. शहर के प्रमुख कॉलेज चौक, पुरानी बाजार तक अतिक्रमण खाली कराया गया. इस अभियान में जिला प्रशासन, नगर निगम, स्थानीय थाना व ट्रैफिक की टीम शामिल रही. इसके बावजूद न तो अतिक्रमणकारी मानने को तैयार हैं और न ही ऑटो वाले. सड़क से अवैध स्टैंड हटाने को तैयार हैं.

ऑटो चालकों पर कार्रवाई नहीं चौक-चौराहों पर अवैध पड़ाव जारी है. विडंबना यह है कि चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे से बाइक और कार का चालान तो काटा जा रहा है, लेकिन कैमरे के नीचे अवैध रूप से खड़े ऑटो चालकों पर कोई चालान नहीं होता है. प्रशासन के बार-बार प्रयास के बावजूद सड़क पर अतिक्रमण और अवैध स्टैंड का मुद्दा यातायात के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Kumar Ashish

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >