मधेपुरा में बारिश से मिली गर्मी व उमस से राहत, सड़कें बनीं तालाब, नाले उफान पर

मधेपुरा में बारिश से मिली गर्मी व उमस से राहत, सड़कें बनीं तालाब, नाले उफान पर

मधेपुरा. पिछले चार दिनों से झुलसाने वाली गर्मी व उमस से परेशान शहर के लोगों को सोमवार की दोपहर बाद राहत मिली. अचानक आसमान पर ने काले बादल छा गये और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गयी. मेघों की गरज व बिजली की कड़क के साथ करीब एक घंटे तक हुई बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया. शहरवासियों ने लंबे समय बाद उमस से राहत की सांस ली. हालांकि इस बारिश ने नगर निकाय की व्यवस्था की पोल खोल दी. मुख्य मार्ग से लेकर मोहल्ले की गलियां जलमग्न बारिश थमते ही शहर की अधिकांश सड़कें तालाब में तब्दील हो गयी. जयपालपट्टी, मिशन रोड, पूर्णिया गोला चौक, मवेशी अस्पताल रोड, पानी टंकी चौक समेत कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया. मुख्य बाजार से लेकर गलियों तक हर जगह जलजमाव देखने को मिला. लोगों का कहना था कि थोड़ी देर की बारिश ने ही शहर को जलमग्न कर दिया, अगर बारिश का सिलसिला लगातार हुआ, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. नाले उफन कर सड़कों पर बहे शहर के लगभग सभी नाले बारिश के पानी से भरकर उफन पड़े. जगह-जगह नालों का पानी गंदगी सहित सड़कों पर फैल गया. इससे लोगों को परेशानी हुई. कई जगहों पर नाले का पानी दुकानों और घरों में भी घुस गया. मवेशी अस्पताल रोड के दुकानदारों ने बताया कि बारिश का पानी उनके प्रतिष्ठान तक पहुंच गया. नाले की गंदगी और बदबू से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया. आमजन की मुश्किलें बढ़ीं भारी बारिश के बाद सड़कों पर जलजमाव होने से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी. बाइक और रिक्शा चालकों को कीचड़ और गंदगी में चलना पड़ा. कई जगहों पर छोटे वाहन बंद हो गये. पैदल चलने वालों को गली-मोहल्लों में घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा. बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी मुश्किल भरा रहा. नगर परिषद पर सवाल लोगों ने नगर परिषद की लापरवाही पर सवाल उठाया. उनका कहना था कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत इसके उलट है. सफाई के नाम पर खानापूर्ति होती है. यही कारण है कि थोड़ी सी बारिश में ही पूरा शहर जलमग्न हो जाता है.स्थानीय निवासी राकेश कुमार ने कहा कि थोड़ी सी बारिश में ही पूरा शहर डूब जाता है. नगर परिषद सिर्फ कागज पर काम करती है. नालों की सफाई समय पर होती तो यह हालात नहीं होते. दुकानदार विजय भगत ने बताया कि दुकानों तक पानी भर गया. गंदगी से सामान खराब होने का डर है. बारिश राहत तो देती है, लेकिन जलजमाव सबसे बड़ी समस्या बन गया है. जयपालपट्टी निवासी रीना देवी कहती हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को पानी में चलाना मुश्किल हो गया है. घर के सामने नाले का पानी भर गया है. बदबू से रहना मुश्किल है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों तक जिले में बारिश की संभावना बनी हुई है. हालांकि बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है. सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है. बच्चों ने बारिश का उठाया मजा जहां बड़ों को जलजमाव और गंदगी से परेशानी हुई, वहीं बच्चों ने बारिश का आनंद लिया. कई जगहों पर बच्चे बारिश में भीगते और पानी में खेलते नजर आये. मौसम खुशनुमा होते ही शहर के पार्कों और गलियों में बच्चों की चहलकदमी बढ़ गयी.बारिश जहां एक ओर लोगों के लिए राहत लेकर आयी है. वहीं नगर निकाय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर गयी है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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