Madhepura Education News: मधेपुरा. विमेंस कॉलेज कौशल्या ग्राम परिसर स्थित सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों, नई शिक्षा नीति के प्रभाव तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी.
समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
कॉलेज के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक छात्र-छात्रा को बेहतर शिक्षा मिलेगी, तभी भारत वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा. नई शिक्षा नीति शिक्षा को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है.
हर बच्चे के स्कूल में नामांकन पर विशेष फोकस
वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करने, शिक्षा में समानता लाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया गया है. साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके.
उच्च शिक्षा में मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की सुविधा
कार्यक्रम में बताया गया कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए बड़ी सुविधा है. इसके तहत एक वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर सर्टिफिकेट, दो वर्ष पर डिप्लोमा तथा चार वर्ष पर डिग्री प्रदान की जाएगी. इससे छात्र-छात्राएं अपनी आवश्यकता के अनुसार शिक्षा जारी रख सकेंगे या रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे.
रिसर्च और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शोध, नवाचार, क्रिटिकल थिंकिंग और लिबरल आर्ट्स शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है. साथ ही सतत आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
कई शिक्षाविद रहे उपस्थित
Madhepura Education News: कार्यक्रम में नीलू कुमारी, डॉ. प्रियंका कुमारी, प्रो. अंकिता कुमारी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. प्रभात रंजन, डॉ. कौशल कुमार, डॉ. श्वेता कुमारी, प्रो. रीता कुमारी, डॉ. जयश्री, धर्मावती देवी, डॉ. काजल, प्रो. अनिल कुमार, प्रो. राजदीप, विभीषण कुमार, मुनचुन सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
