बेटियों के हाथ में दें किताब, बाल विवाह हो बंद : जज पूजा

बेटियों के हाथ में दें किताब, बाल विवाह हो बंद : जज पूजा

मधेपुरा में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत छात्राओं को किया गया जागरूकमधेपुरा. सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जंग और एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए शनिवार को सदर प्रखंड के राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जज पूजा कुमारी साह ने छात्राओं व अभिभावकों को बाल विवाह बंद करने का संदेश दिया. उन्होंने कहा 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह ””बाल विवाह”” की श्रेणी में आता है. बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के लिए दो महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना है. टोल-फ्री नंबर : 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098 है. मिशन अस्पताल के उमेश यादव ने कहा कि अक्सर शादी के लालच में बेटियों को बाहरी लोगों के हाथों बेच दिया जाता है. उन्होंने ऐसे गिरोहों से सावधान रहने और सामाजिक एकजुटता दिखाने की अपील की.

छात्राओं का उत्साह और संवादकार्यक्रम में छात्राओं ने न केवल वक्ताओं को ध्यान से सुना, बल्कि प्रश्नोत्तर सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. छात्राओं ने अपनी सुरक्षा, घरेलू हिंसा और सरकारी योजनाओं के लाभ उठाने के तरीकों पर जज और विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे. मौके पर वरीय अधिवक्ता विजय कुमार यादव, स्कूल की प्रधानाध्यापिका पुष्पा कुमारी सहित मिन्नी गुप्ता, पूजा कुमारी और अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं.

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एक बेहतर समाज केवल कानूनों से नहीं, बल्कि आमलोगों की सक्रिय भागीदारी से बनता है. बाल विवाह न केवल स्वास्थ्य बल्कि एक बच्ची के भविष्य और शिक्षा का भी गला घोंट देता है.

पूजा कुमारी साह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकारB

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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