बाबा नगरी सिंहेश्वर में महाशिवरात्रि मेला की तैयारी जोरों पर

बाबा नगरी सिंहेश्वर में महाशिवरात्रि मेला की तैयारी जोरों पर

सिंहेश्वर. बिहार के सुप्रसिद्ध बाबा नगरी सिंहेश्वर में महाशिवरात्रि मेला की तैयारी जोरों पर है. मेला संवेदक जितेंद्र कुमार सिंटू व मेला संवेदक सहयोगी डॉ आभाष आनंद झा ने बताया कि दुकानदारों को कतार से सजाया जा रहा है. मेले में देश भर से आने वाले दुकानदारों की भीड़ के कारण जमीन की कमी महसूस हो रही है. क्योंकि मेला का काफी जमीन अतिक्रमित है. मेले में इस वर्ष तरह-तरह के स्टॉल की भरमार रहेगी. अभी तक दूर-दूर से कई होटल, कई तरह के झूले जिसमें ड्रेगन, राम झूला, नाव झुला, टोरा टोरा, चांद तारा, ब्रेक डांस झूला, सर्कस, बंगाल का जादूगर व बच्चों के लिए विशेष और आकर्षक झूला मेले के आकर्षण का केंद्र बन रहा है. मेला का मुख्य आकर्षण इंडियन सर्कस बनेगा. इधर, झारखंड व बंगाल से झूला लेकर पहुंचे प्रकाश पांडे सहित अन्य ने बताया कि सिंहेश्वर मेला में पहली बार ब्रेक डांस, अजमेरी नौका, तारा माची, फ़्रीस्बिल झूला, ड्रागेन ट्रेन, डांसिंग फ़ेले, टोरा टोरा, जलपरी, जोरासिक पार्क दर्शकों के लिए लगाया गया है. युवाओं के मनोरंजन के लिए थियेटर सहित लगभग आधा दर्जन चित्रहार मेला की शोभा बढ़ाने की तैयारी में है. वहीं बंबई का फैंसी मीना बाजार और सहारणपुर हेंडीक्राफ्ट, बुलंद शहर का गिफ्ट आइटम, दिल्ली का आर्टिफिशियल ज्वेलरी और बोन चायना का सामान, फिरोजाबाद, जयपुर, मुजफ्फरपुर की चुड़ी की प्रसिद्ध दुकान, अचार की हर भेराईटी की दुकान, आने से मेले में चार चांद लगायेंगे. मेला को इस साल पूरे सिस्टमेटिक रूप दिया जा रहा है. परिवार के साथ आने वाले लोगों को अब किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. वहीं सरकारी स्टॉल को भी लगातार संपर्क किया जा रहा है. मेला में दर्जनों सरकारी स्टॉल भी आने की संभावना है, जबकि इस बार मेला में श्रद्धालु चार धाम यात्रा करेंगे. इसके साथ- साथ इस बार मेला में विभिन्न मछलियों के घर रहेंगे. मेले में कई वर्ष बाद सरकारी स्तर पर लगने वाला मीना बाजार आम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा. मीना बाजार में अद्भुत फल पौधों की प्रदर्शनी लगेगी. साथ किसान को अनुदानित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराया जायेगा. इस राजकीय मेला में मीना बाजार अपने पुराने रूप में दिखेगा. सर्कस और थियेटरों के साथ- साथ कृषि विभाग के मीना बाजार को लोग देखना नहीं भूलेंगे. यहां अनेक प्रकार के गुलाब फूल के पौधे, विशाल बांस, मीठी इमली और मीठा आंवला, लीची की तरह गुदे वाला मलेशियन फल रामबुटान के पौधे, कटहल की तरह दिखने वाला डूरियन, रानी विक्टोरिया की पसंदीदा फल मैंगोस्टीन, इजराइल का केला और हर मौसम में फलने वाला आम, इसके अतिरिक्त गरम मसाला, डेढ़ किलो वजनी आम आदि सैकड़ों अन्य प्रजातियों के पौधे, इमारती लकड़ी की न्यू टीक, क्रास महोगनी आदि के पौधे मिलेंगे.

मेला में होंगे भरपूर मनोरंजन के साधन

मेला में आकर्षक का केंद्र रसियन जलपरी चार धाम का यात्रा, शोभा सम्राट थियेटर, मेला में मछली घर, टोरा-टोरा, ड्रैगन, रेंजर, रशियन व रेसियन झूला और जादूगर, दिल्ली से कास्मेटिक्स की दुकान, यूपी से मिट्टी बर्तन लखनऊ की खिलौनों की दुकान, मुरादाबाद की बर्तन की दुकान और सहारनपुर से फर्नीचर की दुकान. हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, हस्तशिल्प, आसाम की बेंत की दुकानें, महिलाओं के लिए चूड़ी, डिजनीलैंड, कपड़े, चप्पल जूता की दुकान, हर एक माल, स्टील बर्तन दुकान, गर्म कपड़े ऊनी कपड़े दुकान, खेल खिलौने की दुकान, श्रृंगार स्टोर, कई चटपटे होटल सहित कई हैरतअंगेज खेल तमाशे श्रद्धालुओं का भरपूर मनोरंजन की व्यवस्था रहेगी.

सामाजिक सद्भाव को बढ़ाता है मेला

मेला संवेदक ने कहा मेला न सिर्फ मनोरंजन का स्थल होता है. बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ाता है. सिंहेश्वर मंदिर से सटे मेला परिक्षेत्र में एक माह तक चलने वाले मेला में इसकी मिशाल कायम होती है. बिहार के प्रसिद्ध मेला का उद्घाटन मेला ग्राउंड के पूर्वी द्वार धन्यवाद गेट से और जनसंपर्क विभाग के मंच से किया जायेगा.

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Author: Kumar Ashish

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