मधेपुरा. बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग पर वादा खिलाफी, शिथिलता व उदासीन रवैये का आरोप लगाते हुये जिले के सभी पंचायत सचिव मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. प्रदर्शन करते हुए सचिवों ने कहा कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण हमलोग मजबूर होकर हड़ताल पर चले गये. बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर हड़ताल शुरू की गयी है. हड़ताली कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. पंचायत सचिवों की मांगों में अंतर-जिला स्थानांतरण व्यवस्था लागू करना, पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक करना, छठे वेतन आयोग की अनुशंसा लागू करना व कार्य-दायित्व के अनुरूप 4200 ग्रेड पे देना शामिल है. इसके अलावा अभिकर्ता और ठेकेदारी व्यवस्था से मुक्ति की भी मांग की जा रही है. गौरतलब है कि राज्य में पिछले करीब 50 दिनों से राजस्व कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं. उनके कार्यों को अब तक पंचायत सचिव संभाल रहे थे, लेकिन अब दोनों के हड़ताल पर चले जाने से आमलोगों की मुश्किलें और बढ़ जायेगी्. पंचायत सचिव संघ के जिला मंत्री मो आसिफ ने कहा कि कई सचिवों की पोस्टिंग घर से 200-250 किमी दूर कर दी गयी है. उन्हें संविदा कर्मियों से भी कम वेतन मिलता है और पंचायत भ्रमण के लिए कोई भत्ता नहीं दिया जाता है. मौके पर मो आसिफ, सुधांशु कुमार, सिंटू कुमार, पप्पू कुमार, सुजीत कुमार, अमरजीत कुमार, हिमांशु कुमार, राजीव कुमार आदि मौजूद थे.
पंचायत सचिव मांगों को लेकर गये अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
पंचायत सचिव मांगों को लेकर गये अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
