मधेपुरा में ओवरलोड ट्रकों से जर्जर हो रही सड़कें, हादसों का खतरा बढ़ा, कार्रवाई की मांग तेज

Madhepura News: मधेपुरा के एनएच 231 पर ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़कें जर्जर हो रही हैं और हादसों का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

Madhepura News: मधेपुरा में एनएच 231 पर इन दिनों क्षमता से अधिक माल लादे ट्रक और हाइवा धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें और पुल-पुलिया तेजी से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जबकि हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है.

मधेपुरा जिले से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 231 इन दिनों ओवरलोड वाहनों की वजह से गंभीर दबाव झेल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक बालू, गिट्टी, सीमेंट और अन्य भारी सामग्री से लदे ट्रक और हाइवा क्षमता से कहीं अधिक भार लेकर सड़क पर दौड़ते हैं. इसका असर अब सड़क की गुणवत्ता और आम लोगों की सुरक्षा दोनों पर साफ दिखाई देने लगा है.

ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें और पुल-पुलिया समय से पहले टूटने लगे हैं. कई जगह सड़क धंस गई है, जबकि कुछ हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे दोपहिया और छोटी गाड़ियों के चालकों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है.

बालू, गिट्टी और सीमेंट लदे ट्रकों का बढ़ता दबाव

स्थानीय लोगों के अनुसार एनएच 231 पर सबसे अधिक दबाव बालू, गिट्टी और सीमेंट ढोने वाले भारी वाहनों का है. ये वाहन अक्सर निर्धारित क्षमता से अधिक माल लेकर चलते हैं, जिससे सड़क पर लगातार अतिरिक्त भार पड़ता है.

राहगीरों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क की सतह उखड़ चुकी है और बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है. विशेष रूप से बाइक सवारों और छोटे वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सड़क हादसों की आशंका लगातार बढ़ रही

ओवरलोड वाहनों की वजह से केवल सड़कें ही खराब नहीं हो रही हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ रहा है. भारी वाहन कई बार असंतुलित होकर चलने लगते हैं और मोड़ या ब्रेक लगाने के दौरान पलटने का खतरा बढ़ जाता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच 231 पर जाम की स्थिति भी बार-बार बनती है, क्योंकि भारी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. उनका आरोप है कि पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि समय-समय पर जांच अभियान चलाने के दावे जरूर किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता.

लोगों का कहना है कि यदि नियमित और निष्पक्ष जांच हो, तो ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. फिलहाल निगरानी की कमी के कारण वाहन चालक बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं.

Madhepura News:नियमित जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

मधेपुरा के स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि एनएच 231 पर नियमित रूप से वजन जांच अभियान चलाया जाए और निर्धारित क्षमता से अधिक माल ढोने वाले ट्रकों और हाइवा पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोडिंग पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो सड़कें और पुल-पुलिया और तेजी से क्षतिग्रस्त होंगे तथा बड़े सड़क हादसों की आशंका बनी रहेगी. अब सभी की नजर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है.

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लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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