Waterlogging: मधेपुरा जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नगर परिषद की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है. शहर के कई गली-मोहल्लों में जलजमाव की समस्या लगातार बढ़ रही है. नालों की नियमित सफाई और पानी निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर गंदा एवं बदबूदार पानी जमा हो गया है, जिससे आम लोगों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वार्ड-19 के शास्त्री नगर की स्थिति सबसे खराब
नगर परिषद क्षेत्र के शास्त्री नगर वार्ड संख्या-19 में हालात सबसे अधिक खराब हैं. यहां नाले का गंदा पानी कई दिनों से सड़क पर जमा है. यह शहर का महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है.
स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी
इसी मार्ग से कई सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी गुजरते हैं. सड़क पर जलजमाव होने के कारण बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है. बारिश के दौरान सड़क और नाले का अंतर समाप्त हो जाने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.
संक्रमण और दुर्गंध से लोग परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर लंबे समय से गंदा पानी जमा रहने के कारण पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है. इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. लोगों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
स्थायी समाधान की मांग
Waterlogging: स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने, नालों की नियमित सफाई कराने और सड़क पर जमा गंदे पानी को हटाने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के मौसम में लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी.
