बिजली कटते ही ठप हो जाती है मधेपुरा के इस गांव में हेल्थ सिस्टम, मरीज और स्वास्थ्यकर्मी दोनों परेशान

Madhepura News: बिजली गई तो अंधेरे में डूब जाता है अस्पताल! गम्हरिया CHC का जेनरेटर बना शोपीस, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

Madhepura News: मधेपूरा के गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच एक गंभीर समस्या सामने आई है. अस्पताल का जेनरेटर लंबे समय से प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण बिजली गुल होते ही पूरा अस्पताल अंधेरे में डूब जाता है. इसका सबसे ज्यादा असर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और इमरजेंसी सेवाओं पर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया है.

जेनरेटर चालू होता है, लेकिन नहीं आती बिजली

अस्पताल में पावर बैकअप के लिए जेनरेटर की व्यवस्था तो है, लेकिन मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि बिजली कटने के बाद जेनरेटर केवल औपचारिक रूप से चालू होता है. उससे अस्पताल के वार्ड, इमरजेंसी कक्ष और लेबर रूम तक पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती. नतीजतन रात के समय मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि अंधेरे की वजह से इलाज कराने में दिक्कत होती है और कई बार मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ता है. स्वास्थ्यकर्मियों को भी अपने दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

इमरजेंसी और प्रसव सेवाओं पर सबसे बड़ा असर

स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील संस्थान में बिजली की निर्बाध व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है. लेकिन गम्हरिया CHC में स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है. बिजली कटने के दौरान इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होती हैं और प्रसव कक्ष में भी जोखिम बढ़ जाता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में आने वाले गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है. अस्पताल में पर्याप्त रोशनी नहीं रहने से इलाज की प्रक्रिया प्रभावित होने का खतरा बना रहता है.

शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं

ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल की बिजली व्यवस्था और जेनरेटर की समस्या को लेकर कई बार प्रबंधन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. लोगों का कहना है कि जेनरेटर तकनीकी खराबी का शिकार है या उसके रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है, इसकी जांच होनी चाहिए.

जल्द कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने जिला स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जेनरेटर की तत्काल मरम्मत कर अस्पताल में निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी मरीजों की सुरक्षा के साथ समझौता है. यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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