जयंती पर गूंजा जगजीवन राम का संदेश, समानता का लिया संकल्प

सामाजिक कार्यकर्ता बसंत कुमार झा ने कहा कि बाबूजी का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था

उदाकिशुनगंज

बाबू जगजीवन राम की जयंती रविवार को उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों एवं बुद्धिजीवियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया.

जयंती के मौके पर विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठी, विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुये समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया.

ज्ञात हो कि बाबू जगजीवन राम का जन्म पांच अप्रैल 1908 को हुआ था और उन्होंने सामाजिक न्याय एवं समानता के लिए जीवनभर संघर्ष किया. समाजसेवी दुर्गानंद उर्फ दुर्गा यादव ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने अपना पूरा जीवन दलितों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकार के लिए समर्पित कर दिया. उनके विचार आज भी समाज को समानता की राह दिखाते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता बसंत कुमार झा ने कहा कि बाबूजी का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुधार किए, जिससे देश को खाद्य संकट से उबरने में मदद मिली. पूर्व प्रमुख विकाशचंद्र यादव ने कहा कि जगजीवन राम का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक है. युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिये. बसपा नेता रविंद्र राय ने कहा कि बाबूजी ने शिक्षा एवं सामाजिक न्याय को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. उनके जीवन से सीख लेकर नई पीढ़ी को आगे बढ़ना चाहिये. राजद प्रखंड अध्यक्ष गजेंद्र राम ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने दलितों, पिछड़ों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया. उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई एवं बाद में देश के उप प्रधानमंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर सेवा की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >