सरकारी वाहन चालकों की गुहार : 536 रुपये में कैसे चलाएं घर

सरकारी वाहन चालकों की गुहार : 536 रुपये में कैसे चलाएं घर

पुरैनी. प्रखंड सह अंचल कार्यालय में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी वाहन चालकों ने अपनी मांगों को लेकर बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा है. चालकों ने लंबे समय से चली आ रही अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए अपनी सेवाओं को संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर नियमित करने या एक सम्मानजनक मासिक मानदेय देने की गुहार लगाई है.

कम पारिश्रमिक से जीवन यापन में परेशानी

चालकों ने बताया कि वे वर्षों से सरकारी कार्यों में वाहन चालक के रूप में सेवा दे रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रतिदिन केवल 536 रुपये पारिश्रमिक मिलता है. चालकों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि इस महंगाई के दौर में इतनी कम राशि से परिवार का भरण-पोषण करना, बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना और अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करना बेहद मुश्किल हो रहा है.

चालकों ने कहा कि उनकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि उन्हें दैनिक पारिश्रमिक की जगह संविदा के आधार पर स्थायी रूप से नियोजित किया जाए. यदि संविदा पर समायोजन संभव न हो, तो उन्हें एक ऐसा मानदेय दिया जाए, जो सम्मानजनक हो व जिससे वे अपने परिवार का ठीक से पालन-पोषण कर सकें. उनका मानदेय हर महीने के अंत में नियमित रूप से दिया जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवार को वित्तीय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. इस दौरान रफीक उद्दीन, मो शमसूल हक, कुन्दन कुमार, अमरजीत कुमार शर्मा, प्रशांत सिंह, पिंटू यादव, पप्पू, संतोष, रूपक समेत कई अन्य चालक मौजूद थे. उन्होंने उम्मीद जताई है कि विधानसभा उपाध्यक्ष उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेंगे और जल्द ही कोई समाधान निकालेंगे.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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