Mid-Day Meal Case: मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जागीर टोला में शनिवार को मध्याह्न भोजन खाने के बाद 45 बच्चों के बीमार पड़ने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रधानाध्यापक निर्मल कुमार भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही तीन रसोइया और बीआरपी को भी पदमुक्त कर दिया गया है.
मिड-डे मील में कथित रूप से मिली थी छिपकली की पूंछ
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार 18 जुलाई को विद्यालय में परोसे गए मध्याह्न भोजन में कथित रूप से छिपकली की पूंछ मिलने के बाद 45 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी. बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर उन्हें तत्काल सिंहेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया.
स्पष्टीकरण नहीं देने पर प्रधानाध्यापक निलंबित
Mid-Day Meal Case: घटना के बाद शिक्षा मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई. जांच के दौरान प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही, वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना तथा मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में गंभीर शिथिलता माना गया. इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
तीन रसोइया और बीआरपी भी पदमुक्त
मिड-डे मील संचालन में लापरवाही के आरोप में रसोइया रीना देवी, पिंकी देवी, चंद्रकिशोर शर्मा तथा बीआरपी मुकेश कुमार को भी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है. विभाग ने पूरे मामले की विभागीय जांच जारी रहने की बात कही है.
डीईओ बोले- बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं
जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि मिड-डे मील में छिपकली की पूंछ मिलना अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है. बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
जारी किए गए प्रशासनिक निर्देश
शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापक निर्मल कुमार भारती का निलंबन मुख्यालय ग्वालपाड़ा प्रखंड संसाधन केंद्र निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा. गम्हरिया प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालय का प्रभार वरीय शिक्षक को सौंपने तथा निलंबित प्रधानाध्यापक को विरमित कर योगदान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है. साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रधानाध्यापक के विरुद्ध विभागीय आरोप-पत्र अलग से जारी किया जायेगा.
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