मधेपुरा. मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित होने वाले सेमिनार में बांग्लादेश, बहरीन, फिलिस्तीन, सऊदी अरब के प्रोफेसर को वक्ता के रूप आमंत्रित करने के विरोध में अभाविप ने मंगलवार को बीएनएमयू के कुलपति का घेराव किया. अभाविप के राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कहा कि किसी भी कीमत पर मंडल विश्वविद्यालय को देश विरोधी, अराजकता फैलने वालों, कट्टरपंथी, चरमपंथी विचारों का अड्डा नहीं बनने देंगे. यदुवंशी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति भी ऐसे कार्यों में लिप्त हैं और ऐसे विचार रखने वाले के संरक्षण में विश्वविद्यालय को चला रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाते कहा कि पूर्व में भी कई सेमिनारों में इस प्रकार के देश विरोधी, कट्टरपंथी, चरमपंथी मानसिकता रखने वाले लोगों को बुलाया जाता रहा है. उन्होंने कुलपति पर निशाना साधते कहा कि परिषद के कार्यकर्ता अगर ऐसे देश विरोधी मानसिकता वालों के खिलाफ आंदोलन करते हैं तो कुलपति उन्हें निलंबन करने और पुलिसिया कार्रवाई का धौंस दिखाकर चुप करा देते हैं. पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति शुरू से ही कट्टरपंथी और चरमपंथी का अड्डा विश्वविद्यालय को बनाना चाहते हैं. पूर्व में भी इनके द्वारा इफ्तार पार्टी का आयोजन कर ऐसे मानसिकता वालों को प्रश्रय देना प्रारंभ किया था. जब भी कोई छात्र विश्वविद्यालय के हित में आवाज उठाता है, तो यह कुलपति उसके ऊपर फर्जी मुकदमा लादकर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले रहते हैं. राज्य विश्वविद्यालय प्रमुख सौरभ यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाते कहा कि कुलानुशासक और इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष दोनों एक ही व्यक्ति कैसे हैं. जबकि ये पद फुलटाइम हैं.
अभाविप ने कुलपति को किया घेरा
अभाविप ने कुलपति को किया घेरा
