ऑनलाइन हुआ निबंधन कार्यालय, पहले दिन दस दस्तावेज निबंधित
मधेपुरा : रजिस्ट्री ऑफिस में शुक्रवार से निबंधन कार्य ऑनलाइन हो गया है. इसके बाद सभी तरह के दस्तावेज का निबंधन सर्वर के माध्यम से ऑनलाइन होना है. ऑनलाइन व्यवस्था के पहले दिन नेटवर्क की मार से आमजन जूझते रहे और अफरा-तफरी मची रही, जिसका असर निबंधन कार्य पर पड़ा. लोगों की भीड़ तथा उग्रता इस कदर बढ गयी थी कि स्वयं जिला अवर निबंधक को बार-बार बाहर निकल कर लोगों को समझाना बुझाना पड़ रहा था.
दरअसल पटना से लिंक नहीं जुड़ने के कारण माहौल में अफरा तफरी रही. उग्र लोगों को समझाना बुझाना मुश्किल पड़ रहा था. गौरतलब है कि जिले का सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला रजिस्टी ऑफिस में किसी किस्म की सुरक्षा नहीं है. इसका असर साफ दिख रहा था. हालांकि जिला अवर निबंधक मो जावेद अंसारी लगातार लोगों से शांति रखने की अपील करते देखे गये.
ज्ञात हो कि कार्यालय में पक्षकार सीधे पहुंच कर नि:शुल्क विक्रय पत्र, दान पत्र, वसीहत, बंधक पत्र, बदलैन नामा, बंटवारा नामा, पंचनामा, जमीन का पट्टा संबंधी मॉडल डीड प्राप्त कर सकते है. इस दस्तावेज को भर कर बैंक के माध्यम से शुल्क जमा कर संबंधित दस्तावेज की रजिस्ट्री करायी जा सकती है. इसके अलावा किसी भी अधिवक्ता के माध्यम से भी दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है. यही वजह है कि भीड़ भी अधिक हो रही है. जिला अवर निबंधक ने कहा कि विभाग के नियमों का पूर्णत: अनुपालन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति निबंधन कार्यालय में बेरोकटोक सहायता प्राप्त कर अपने दस्तावेज को निबंधित करा सके. इसलिए सभी कर्मी कार्य में जुटे हुए है.
28 के जगह मात्र 14 कर्मी कार्यरत: मधेपुरा व उदाकिशुनगंज निबंधन कार्यालय में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. दोनों कार्यालय को मिलाकर 28 कर्मी का स्वीकृत पद है. जिनके विरुद्ध इन दोनों कार्यालय को मिलाकर मात्र 14 कर्मी कार्यरत है. जिला मुख्यालय स्थित निबंधन कार्यालय में आठ लिपिक काम कर रहे हैं, जबकि एक भी चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी इस कार्यालय में नहीं है.
पूर्व में दो चतुर्थ वर्गीय कर्मी यहां कार्यरत थे. जिसमें एक के सेवानिवृत्त हो जाने तथा दूसरे के सेवा काल में ही मृत्यु हो जाने के कारण यह कार्यालय बिना अनुसेवक के चल रहा है. वहीं कार्यालय अधीक्षक समेत कई पद भी खाली पड़ा है. कमोवेश यही स्थिति उदाकिशुनगंज निबंधन कार्यालय की भी है, जबकि राजस्व का सबसे बड़ा स्त्रोत निबंधन कार्यालय को ही माना जाता है.
दस्तावेज पूर्णत: मॉडल डीड के आधार पर ऑनलाइन निबंधन करना है. इससे कार्यालय का काम बढ़ गया है. अब पक्षकार सीधे निबंधन कार्यालय पहुंचते है. वहां से मॉडल डीड लेकर तदनुरूप दस्तावेज भर कर निबंधन के लिए प्रस्तुत करते है. इससे निबंधन कार्यालय में भीड़ हो जाती है, जबकि वहां स्वीकृत पद की तुलना में आधे से भी कम कर्मी कार्यरत है. ऐसे में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. इस बाबत लोगों ने तत्काल सुधार की जरूरत कही. ऑन लाइन व्यवस्था में जब तक सर्वर के साथ संपर्क स्थापित नहीं होगा. तब तक दस्तावेज का निबंधन संभव नहीं है. निर्धारित समय के बाद भी दस्तावेज निबंधित नहीं हो सकता है. ऐसे में निर्धारित समय के दौरान भीड़ हो जाती है.
