उफ ये गरमी! . बढ़ते तापमान के कारण डायरिया ने शुरू किया पांव पसारना
इस उमस भरी गरमी व चिलचिलाती धूप से आम जनजीवन त्रस्त है. बढ़ती गरमी में जरा-सी असावधानी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है. गरमी के कारण व मौसम बदलने के साथ चेचक व डायरिया से लोग पीड़ित हो रहे हैं. बदलते मौसम में खान-पान व साफ-सफाई में जरा सी कोताही से उल्टी व दस्त की शिकायत लोगों में शुरू हो जा रही है.
मधेपुरा : जिले में मंगलवार को आधा दर्जन से अधिक लोग उल्टी व दस्त की शिकायत के बाद अपना इलाज करवाने सदर अस्पताल पहुंचे़ डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है. मंगलवार को सदर प्रखंड के झिटकिया निवासी रौशनी प्रवीण (15 वर्ष) को उल्टी व दस्त की शिकायत के बाद परिजनों द्वारा सदर अस्पताल में भरती करवाया गया.
वहीं भर्राही निवासी मो समसुल ( 80 वर्ष) को सोमवार की देर शाम गर्मी के कारण दस्त होने लगा जिसे परिजनों द्वारा अस्पताल लाया गया़ सदर प्रखंड के ही वार्ड – 10 के खकीजा खातून को भी उल्टी व दस्त के बाद सदर अस्पताल लाया गया. कुमारखंड प्रखंड के बलहा निवासी ब्रहमदेव यादव, परियाही गांव के कृष्ण मोहन यादव, बराही के रेणू देवी, साहुगढ़ के दिलखुश कुमार, चुनचुन यादव को भी उल्टी दस्त के बाद परिजनों द्वारा सदर अस्पताल लाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीज का ईलाज चल रहा है समय-समय पर दवाईयां भी दी जारही है़ अब मरीजों में सुधार देखा जा रहा है़
बचाव के लिए बरतें सावधानियां. सदर अस्पताल के डॉक्टर आरके रवि ने बताया कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. खान-पान व साफ-सफाई में थोड़ी सी कमी बीमारी को निमंत्रण देती है.
उन्होंने बताया कि इसके लिए जरूरी है साफ पानी खूब पीना चाहिए. भोजन हमेशा गरम खाएं. बासी खाना का प्रयोग ना करें. खाना को हमेशा ढक कर रखें. खाना खाने से पहले साबुन से अपने हाथ की सफाई अवश्य करें. घर के आस पास गंदगी जमा न होने दें. नालियों को साफ रखें. ऐसा करने से इस बदलते मौसम में बिमारी से बचा जा सकता है़
