मधेपुरा : जनता की सेवा करना ही अधिकारियों का परम कर्तव्य है. मुख्यमंत्री के साथ निश्चय को धरातल पर लागू करने के साथ इंदिरा आवास, मनरेगा, निर्मल भारत अभियान जैसे कार्यक्रम को पूरी मुस्तैदी के साथ करने के लिए सभी सिविल सर्विसेज दिवस पर प्रण लें. अपने-अपने कार्य क्षेत्र में जनता के साथ बेहतर व्यवहार रखें.
गुरूवार को समाहरणालय के सभा कक्ष में सिविल सर्विसेज दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डीएम मो सोहैल अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कार्य क्षेत्र में कई तरह की चुनौतियां हैं जिसका धैर्य पूर्वक मुकाबला करना है. किसी भी हाल में जनसमस्याओं की अनदेखी न हो. जनता के लिए ही यह संविधान है. इसलिए हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा. अपर समाहर्ता अबरार अहमद कमर ने कहा कि काम के साथ-साथ अधिकारियों को समय पर प्रोत्साहन भी मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि सबसे बेहतर प्रोत्साहन समय पर प्रोन्नति होना है. लेकिन कहीं न कहीं अधिकारी इसमें पीछे रह जाते हैं.
उन्होंने कार्यक्षेत्र की तमाम चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी सूझबूझ से हर चीज को कंट्रोल करता है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजेश रंजन ने कहा कि कार्यक्षेत्र में एक से एक चुनौती का सामना करना पड़ता है. समय पर न्याय की अभिरूचि रख जनता के लिए कार्य करने वाले अधिकारी हमेशा याद रखे जाते हैं. डीसीएलआर उदाकिशुनगंज विनय कुमार सिंह ने कहा कि जनता के साथ महज बेहतर व्यवहार से उनके आधी तकलीफ दूर हो जाती है. इस दौरान वरीय उपसमाहर्ता मुकेश कुमार, अरूण कुमार झा, एसडीएम संजय निरला समेत सीओ व बीडीओ, सिंहेश्वर अजीत कुमार आदि उपस्थित थे.
21 अप्रैल को मनाया जाता है सिविल सर्विसेज दिवस . इस दिन लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की आजादी के बाद पहली बार सिविल सर्विसेज के पहले बेच को संबोधित कर अधिकारियों को देश के निमार्ण एवं विकास के लिए इस्पातिय ढांचा बताते हुए पूरी मुस्तैदी से कार्य करने की अपील की थी.
