दुष्कर्मी ओझा को दस साल की सजा

मधेपुरा : व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित एडीजे प्रथम मिथिलेश कुमार के न्यायालय ने मंगलवार को सत्र वाद संख्या 189/14 में दुष्कर्मी ओझा महेंद्र मेहता को दोषी मानते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है. न्यायाधीश ने दोषी ओझा पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड नहीं देने पर महेंद्र मेहता को […]

मधेपुरा : व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित एडीजे प्रथम मिथिलेश कुमार के न्यायालय ने मंगलवार को सत्र वाद संख्या 189/14 में दुष्कर्मी ओझा महेंद्र मेहता को दोषी मानते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है. न्यायाधीश ने दोषी ओझा पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड नहीं देने पर महेंद्र मेहता को छह माह की साधारण कारावास की सजा और भुगतनी होगी.

ज्ञात हो कि एक जुलाई 2014 को आलमनगर प्रखंड के बड़ी बगीचा निवासी एक लड़की ओझा के झार-फुंक के मकड़जाल में फंस कर दुष्कर्म की शिकार हो गयी थी.
घटना के बाद पीड़िता के बयान पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी थी. दर्ज प्राथमिकी में लड़की ने कहा है कि एक जुलार्इ 2014 के संध्या सात बजे अचानक उसकी तबीयत खराब हो गयी तो उसकी मां उसे पड़ोसी ओझा महेंद्र मेहता के घर ले गयी. महेंद्र मेहता ने भ्रम का जाल फैकते हुए लड़की पर देवी का प्रकोप बताया और एकांत में झाड़ फूंक कर ठीक करने का दावा किया. पीड़ित लड़की की मां ओझा के भ्रम जाल में फंस कर एकांत में झार- फुंक करवाने के लिए राजी हो गयी.
इस दौरान ओझा ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद युवती ने साहस दिखाते हुए अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी. जिसके बाद दुष्कर्मी ओझा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी. इस मामले में कुल 14 गवाहों का परीक्षण हुआ. मामले में राज्य के तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजक पुरुषोत्तम प्रसाद यादव व बचाव पक्ष की ओर से पैरवी विवेका कुमार सिंह कर रहे थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >