प्रचंड धूप से जलने लगी फसल
प्रचंड धूप तेज व पछुआ हवा के कारण प्रखंड क्षेत्र के किसान मकई की फसल को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं. कड़ी धूप के कारण खेत में पानी का अंस सुख रहा है जिससे किसानों को अपने पंप सेट के सहारे खेतों में नमी बनी रहे इसके लिए बार-बार पटवन करना पड़ रहा है. जिस कारण किसानों के समक्ष उपज से होने वाली आमदनी का जो अनुमान है उससे अधिक पटवन में खर्च करना पड़ रहा है.
मधेपुरा : प्रखंड क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से प्रचंड धूप तेज व पछुआ हवा के कारण जहां गरमी में काफी वृद्धि होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं प्रखंड क्षेत्र के किसान मकई की फसल को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं.
कड़ी धूप के कारण खेत में पानी का अंस सुख रहा है जिससे किसानों को अपने पंप सेट के सहारे खेतों में नमी बनी रहे इसेके लिए बार-बार पटवन करना पड़ रहा है. जिस कारण किसानों के समक्ष उपज से होने वाली आमदनी का जो अनुमान है उससे अधिक पटवन में खर्च करना पड़ रहा है.
जिले सहित प्रखंड के कई किसान ऐसे है जो महाजन से कर्ज लेकर मकई खेती किये ओर फसल तैयार होने के बाद कर्ज चुकता करते, लेकिन मौसम की बेरुखी के कारण किसानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. उपज से अधिक खर्च होने से किसान काफी घबरा गये हैं.
वहीं गरम मौसम के कारण जमीन का जल स्तर भी दिनों दिन नीचे जा रहा है. कई बोरिंग से पानी भी नहीं निकल रहा है. वहीं गरीब तबके के किसानों की मकई पटवन के अभाव के कारण इस प्रचंड धूप में जल गयी है. प्रखंड क्षेत्र के भदौल बुधमा, लखराज, माणिकपुर, बेतौना, मुरहो, तुलसीबारी, सकरपुरा, राजपुर, मलिया आदि जगहों पर मक्के की फसल को कड़ी धूप के कारण काफी नुकसान हो रहा है.
किसान महेंद्र मंडल, मो सत्तार, अशोक, ज्योति, सुरेंद्र दास, मो निजाम, नवीन कुमार आदि ने बताया यदि इसी तरह मौसम रहा और मक्के की फसल में समय-समय पर पटवन नहीं किया गया तो फसल सूखने की संभावना व्याप्त है. वहीं कुछ ऐसा खेत है जिनमें अभी मोची ही निकल रहा है और बारिश का असर कम दिख रहा है. फसल सूखने लगा है. कड़ी धूप के कारण आस पास के नदियों के जल स्तर में भी काफी कमी आयी है. वहीं किसानों ने बताया कि नहर में यदि पानी रहता तो ऐसे मौसम में किसानों को पटवन करने में काफी लाभ मिल सकता है.
घर से िनकलना हुआ मुिश्कल
भीषण गरमी व तेज धूप के साथ पछुआ हवा चलने से जहां लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं इस वर्ष औसत से हुई कम बारिश के कारण पानी का लेवल बहुत नीचे चले जाने के कारण किसानों के बीच फिर सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. जबकि इस मौसम में लगने वाले और लगे हुए फसल मकई, जुट, मूंग, कलाई जैसे कई अन्य फसलों को लगाने एवं बचाने के लिए किसान पंप सेट की सहारा लेकर अपने खेत की फसल को बचाने के लिये एवं फसल को लगाने के लिए दिन रात खेत में पानी डाल रहे हैं. खास करके गाढ़ा रामपुर, बरीयाही, परसा, मधैली, चौरहा, कल्हुआ, सोनवर्षा एवं कवियाही में अधिकांश बलुआही एवं रेतीली जमीन होने के कारण किसानों को डिजल पंप सेट का सहारा लेकर पटवन किया करते थे. लेकिन वह भी बौरिंग पानी की सतह नीचे होने के कारण दम तोड़ने लगा है. सरकारी स्तर पर इस क्षेत्र में जो भी मधैली सहित अन्य जगहों पर नल कूप लगाया गया था वह भी वर्षों से बंद परा हुआ है. जिस कारण किसान हताश और बेबस नजर आ रहे हैं.
