46 परीक्षा केंद्रों पर 24,949 परीक्षार्थी होंगे शामिल, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

46 परीक्षा केंद्रों पर 24,949 परीक्षार्थी होंगे शामिल, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

आज से शुरू होगी इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026

मधेपुरा. जिले में सोमवार से इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा. परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यापक तैयारियां अब ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी हैं. रविवार से ही शहर में बाहर से आए परीक्षार्थियों की भीड़ नजर आने लगी, जिससे परीक्षा का माहौल बन गया है. इस वर्ष जिले में कुल 24,949 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिनमें 12,684 छात्र और 12,265 छात्राएं हैं. परीक्षा का आयोजन 02 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक किया जाएगा. जिले भर में बनाए गए 46 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के प्रवेश से पहले मुख्य द्वार पर सघन जांच, प्रवेश पत्र का सत्यापन व अनुशासनात्मक निगरानी की व्यवस्था की गयी है. परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य प्रतिबंधित सामग्री पर पूरी तरह रोक रहेगी. परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की बारीकी से जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है, ताकि नकल या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे.

46 परीक्षा केंद्र, दो अनुमंडलों में व्यापक व्यवस्था

शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मधेपुरा अनुमंडल में कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 16 बालक और 11 बालिका परीक्षा केंद्र शामिल हैं. वहीं उदाकिशुनगंज अनुमंडल में 19 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 11 बालक और 8 बालिका परीक्षा केंद्र शामिल हैं. प्रत्येक केंद्र पर केंद्राधीक्षक, वीक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है.

चार आदर्श परीक्षा केंद्र बने आकर्षण का केंद्र

परीक्षा की पारदर्शिता व अनुशासन को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले में चार आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. मधेपुरा अनुमंडल में राजकीय केशव कन्या प्लस टू विद्यालय व वेद व्यास महाविद्यालय, अमलेश्वर नगर को आदर्श परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है. वहीं उदाकिशुनगंज अनुमंडल में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदाकिशुनगंज तथा राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिहारीगंज को आदर्श केंद्र का दर्जा दिया गया है. इन केंद्रों पर विशेष निगरानी और अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं.

866 शिक्षक-शिक्षिकाओं की तैनाती, रेंडमाइजेशन से चयन

परीक्षा केंद्रों पर वीक्षण कार्य के लिए रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत कुल 866 शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इससे परीक्षा संचालन में निष्पक्षता बनी रहे. किसी भी प्रकार की पक्षपात या अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके.

इंडोर स्टेडियम बना परीक्षा व्यवस्था का केंद्र

प्रश्नपत्रों के भंडारण, वितरण और बारकोडिंग जैसे अति संवेदनशील कार्यों के लिए इंडोर स्टेडियम, मधेपुरा को स्ट्रॉन्ग रूम और नियंत्रण केंद्र के रूप में चयनित किया गया है. यहां 24 घंटे प्रशासनिक निगरानी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान कदाचार, नकल या अनुशासनहीनता को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी. कुल मिलाकर इस बार इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर जिले में कड़ी प्रशासनिक सख्ती और सुव्यवस्थित व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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